महिला BDO से कथित अभद्रता पर भड़का प्रादेशिक विकास सेवा संगठन, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

0
WhatsApp Image 2026-07-07 at 2.35.28 PM

देहरादून, 7 जुलाई।  उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के विकास खंड नरेंद्रनगर (फकोट) कार्यालय में महिला खंड विकास अधिकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर प्रादेशिक विकास सेवा संगठन, उत्तराखंड ने कड़ा विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर दोषियों के खिलाफ कठोर और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।

संगठन के अध्यक्ष भरत चंद्र भट्ट और महामंत्री मोहम्मद असलम की ओर से जारी ज्ञापन के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को क्षेत्र पंचायत सदस्य सिद्धार्थ राणा ने खंड विकास अधिकारी श्रीमती श्रुति वत्स के साथ कार्यालय परिसर में कथित रूप से अपमानजनक और अमर्यादित व्यवहार किया।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान सरकारी कार्य में हस्तक्षेप किया गया और संबंधित अधिकारी के साथ अभद्र भाषा तथा धमकीपूर्ण व्यवहार किया गया।

घटना के बाद कोतवाली में दी गई तहरीर

संगठन के अनुसार, घटना के संबंध में स्थानीय कोतवाली में तहरीर दी जा चुकी है। हालांकि, अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं होने और प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर संगठन ने नाराजगी और चिंता व्यक्त की है।

संगठन ने मांग की है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करे और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

महिला अधिकारी की गरिमा और प्रशासनिक व्यवस्था का मुद्दा

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला केवल एक महिला अधिकारी की गरिमा से जुड़ा नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और सुशासन से भी जुड़ा गंभीर विषय है।

ज्ञापन में श्रीमती श्रुति वत्स को कर्मठ, ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी बताते हुए कहा गया है कि उनके कार्य व्यवहार पर पूर्व में कोई सवाल नहीं उठाया गया है।

संगठन का कहना है कि सरकारी कार्यालय में अधिकारियों के साथ इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक तंत्र के मनोबल को प्रभावित करती हैं और अधिकारियों के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से काम करना मुश्किल बनाती हैं।

स्थानांतरण के खिलाफ भी संगठन ने दी चेतावनी

प्रादेशिक विकास सेवा संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ समयबद्ध और कठोर कार्रवाई नहीं की गई या किसी दबाव में संबंधित महिला अधिकारी का स्थानांतरण किया गया तो इसका प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

संगठन ने कहा कि किसी भी अधिकारी का बाहरी या राजनीतिक दबाव में स्थानांतरण निष्पक्ष प्रशासन की भावना को कमजोर करेगा।

सरकार से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

प्रादेशिक विकास सेवा संगठन ने मुख्यमंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

संगठन ने यह भी मांग की है कि संबंधित महिला अधिकारी की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए तथा किसी बाहरी या राजनीतिक दबाव में उनका स्थानांतरण न किया जाए।

फिलहाल संगठन ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है। साथ ही चेतावनी दी है कि प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ये समाचार भी पढ़ें :