पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी हलचल, चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक में जुटे कई वरिष्ठ नेता
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को अपने मोरिंडा स्थित आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों की बैठक बुलाई, जिसमें कई पूर्व मंत्री, विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए। बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, गुरप्रीत सिंह कांगड़, भारत भूषण आशु, राणा गुरजीत सिंह, गुरकीरत सिंह कोटली, पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी के कई पूर्व विधायक भी इस बैठक में शामिल हुए।
बताया जा रहा है कि हाल ही में पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में किए गए बदलावों के बाद चन्नी समर्थकों में नाराजगी है। कांग्रेस हाईकमान ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए रखने का फैसला किया है। इसी निर्णय के बाद पार्टी के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके अनुसार अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस की कमान और आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने की मांग की। हालांकि, बैठक में मौजूद अधिकांश अन्य नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से परहेज किया।
उधर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की इस बैठक को लेकर निशाना साधा है। भाजपा नेता तरुण चुग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व राज्य इकाई को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पार्टी के भीतर जारी असंतोष और संगठनात्मक बदलाव आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
