राम मंदिर चढ़ावा मामले के बाद केदारनाथ-बदरीनाथ में बढ़ी सतर्कता, दान व्यवस्था को लेकर जारी हुए सख्त निर्देश
देहरादून। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद उत्तराखंड की बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अपने अधीन आने वाले सभी मंदिरों में दान और चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। समिति ने अधिकारियों और कर्मचारियों को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
बीकेटीसी के निर्देशों के अनुसार, मंदिरों में मिलने वाले नकद दान, सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान भेंट का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाएगा। दान पेटियों की निगरानी, चढ़ावे की गिनती और सुरक्षित रखरखाव की पूरी प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी भी मजबूत की जाएगी।
चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए समिति ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित निगरानी रखने तथा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीकेटीसी ने कहा है कि यदि चढ़ावे के प्रबंधन में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही अथवा गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समिति का उद्देश्य मंदिरों में दान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
गौरतलब है कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी घटनाक्रम के बाद देश के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
