EPFO ने लागू किए नए सामाजिक सुरक्षा नियम, 20 दिन में क्लेम निपटाना होगा, देरी पर 12% ब्याज का प्रावधान
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत नई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू कर दिया है। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य भविष्य निधि (EPF), पेंशन (EPS) और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा (EDLI) से जुड़े दावों का समयबद्ध निपटान, डिजिटल अनुपालन को बढ़ावा देना और सदस्यों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
नए प्रावधानों के अनुसार, EPFO को भविष्य निधि निकासी, पेंशन और बीमा दावों का निपटारा सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे होने के 20 दिनों के भीतर करना होगा। यदि बिना उचित कारण के इस अवधि में दावा नहीं निपटाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी पर 12 प्रतिशत वार्षिक दंडात्मक ब्याज लगाने का प्रावधान किया गया है। यह राशि संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूल की जा सकती है।
पुरानी योजनाओं की जगह लागू हुई नई व्यवस्था
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026, कर्मचारी पेंशन योजना, 2026 और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना, 2026 लागू की हैं। इन योजनाओं ने क्रमशः 1952 की EPF योजना, 1971 की फैमिली पेंशन योजना, 1995 की पेंशन योजना और 1976 की EDLI योजना का स्थान ले लिया है।
कर्मचारियों के अंशदान में कोई बदलाव नहीं
नई व्यवस्था लागू होने के बावजूद कर्मचारियों और नियोक्ताओं के अंशदान में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कर्मचारी और नियोक्ता पहले की तरह मूल वेतन का 12 प्रतिशत योगदान देंगे। नियोक्ता के अंशदान में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाएगा, जबकि केंद्र सरकार पहले की तरह 1.16 प्रतिशत का योगदान जारी रखेगी।
डिजिटल सेवाओं पर रहेगा विशेष जोर
नई योजनाओं में डिजिटल अनुपालन को विशेष महत्व दिया गया है। EPFO और छूट प्राप्त भविष्य निधि ट्रस्टों को ऑनलाइन क्लेम, आवेदन और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। सरकार का उद्देश्य सदस्यों को अधिक तेज, पारदर्शी और कागजरहित सेवाएं प्रदान करना है।
दावों के निपटान में बढ़ेगी पारदर्शिता
श्रम मंत्रालय का कहना है कि नए नियमों से क्लेम निपटान की प्रक्रिया अधिक जवाबदेह बनेगी और अनावश्यक देरी पर अंकुश लगेगा। साथ ही EPFO की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत कर सदस्यों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
