EPFO की सेवाएं आज भी बाधित, उमंग ऐप भी ठप, लाखों खाताधारक परेशान

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नई दिल्ली। देश के करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की कई ऑनलाइन सेवाएं सात दिनों तक बंद रहीं। संगठन ने अपने क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम के डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के चलते यह अस्थायी रोक लगाई थी। EPFO के अनुसार, अपग्रेड का उद्देश्य सेवाओं को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और बेहतर बनाना है।

अपग्रेड के दौरान सदस्य और नियोक्ता (Employer) दोनों ही EPFO के मेंबर इंटरफेस और एम्प्लॉयर पोर्टल पर लॉग इन नहीं कर सके। इस कारण ऑनलाइन क्लेम दाखिल करने, पासबुक डाउनलोड करने, क्लेम का स्टेटस देखने, ट्रांसफर रिक्वेस्ट भेजने और प्रोफाइल अपडेट जैसी कई डिजिटल सेवाएं अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहीं।

सिस्टम अपग्रेड क्यों किया जा रहा है?

EPFO का कहना है कि यह तकनीकी अपग्रेड दावों के निपटान की प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है। डेटाबेस को एकीकृत करने और नए सॉफ्टवेयर सिस्टम लागू होने के बाद सदस्यों को बेहतर डिजिटल अनुभव मिलेगा। साथ ही ऑनलाइन सेवाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

पहले से जमा क्लेम पर क्या होगा असर?

EPFO ने स्पष्ट किया है कि जिन सदस्यों ने मेंटेनेंस अवधि शुरू होने से पहले अपने क्लेम जमा कर दिए थे, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। सभी लंबित दावों का निस्तारण सिस्टम अपग्रेड पूरा होने के बाद किया जाएगा।

सेवाएं कब होंगी बहाल?

EPFO ने बताया है कि सिस्टम अपग्रेड का कार्य पूरा होने के बाद सदस्य और नियोक्ता सेवाएं चरणबद्ध तरीके से बहाल की जाएंगी। संगठन ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए सदस्यों से सहयोग की अपील की है। आवश्यकता पड़ने पर सदस्य EPFO हेल्पलाइन 14470 के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

करोड़ों कर्मचारियों पर पड़ा असर

इस अस्थायी बंदी का असर देशभर के लाखों संस्थानों और करोड़ों EPF खाताधारकों पर पड़ा, जो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने भविष्य निधि खाते से जुड़ी सेवाओं का उपयोग करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अपग्रेड पूरा होने के बाद डिजिटल सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होंगी।

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