SIR Documents List: 16 राज्यों में मतदाता सत्यापन के लिए कौन से दस्तावेज़ होंगे मान्य? पासपोर्ट समेत 12 डॉक्यूमेंट की पूरी सूची

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नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision, SIR) अभियान के तहत निर्वाचन आयोग ने दस्तावेजों को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट सहित 12 प्रकार के दस्तावेज़ मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में मान्य होंगे। यह अभियान देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, यदि किसी मतदाता के विवरण का सत्यापन आवश्यक होता है, तो वह निर्धारित दस्तावेज़ों के माध्यम से अपनी पात्रता प्रमाणित कर सकेगा। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखना और त्रुटियों को दूर करना है।

ये 12 दस्तावेज़ होंगे मान्य

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेज़ स्वीकार किए जाएंगे:

• केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रम के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश।
• 1 जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, एलआईसी अथवा सार्वजनिक उपक्रम द्वारा जारी पहचान पत्र या प्रमाण पत्र।
• सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
• भारतीय पासपोर्ट।
• मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
• सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
• वन अधिकार प्रमाण पत्र।
• सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी, एससी या एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण पत्र।
• राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो)।
• राज्य या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर।
• सरकार द्वारा जारी भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र।
• आधार से संबंधित आयोग के निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुरूप स्वीकार्य दस्तावेज़।

जन्म तिथि के आधार पर अलग सत्यापन

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दस्तावेज़ों की आवश्यकता मतदाता की जन्म तिथि के आधार पर तय होगी। अलग-अलग अवधि में जन्मे मतदाताओं से स्वयं, माता या पिता से संबंधित दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं। यदि किसी मतदाता का विवरण पूर्व की मतदाता सूची से मेल नहीं खाता है, तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए कह सकता है।

आयोग का उद्देश्य

निर्वाचन आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की पहचान करना तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना है। आयोग ने कहा है कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक रूप से वंचित नहीं किया जाएगा और सभी मामलों का नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा।

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