राम मंदिर चढ़ावा विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, FIR और स्वतंत्र जांच की मांग; विनय कटियार ने उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली/अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी के आरोपों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील अनूप अवस्थी ने याचिका दाखिल कर मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाएं।
विनय कटियार ने ट्रस्ट प्रबंधन पर उठाए सवाल
राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर से जुड़े किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने कथित घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कटियार ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या हैं आरोप?
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सबसे पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंदिर के दानपात्र से करोड़ों रुपये का चढ़ावा गायब हुआ है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
मामले को उस समय और बल मिला जब राम मंदिर के पूर्व अकाउंट्स इंचार्ज महीपाल सिंह ने भी चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का दावा किया। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया और कई महीनों पुराने सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध नहीं रहे।
जांच की मांग तेज
विवाद बढ़ने के साथ मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी तेज हो गई है। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या किसी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में सभी पक्षों की नजर अब न्यायिक प्रक्रिया और संभावित जांच पर टिकी हुई है।
राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में इस मामले में आने वाले दिनों में कानूनी और राजनीतिक स्तर पर घटनाक्रम और तेज होने की संभावना है।
