IARI दीक्षांत समारोह कल, 470 विद्यार्थियों को उपाधि

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नई दिल्ली | ICAR | IARI | Convocation 2026 | कृषि शिक्षा | शोध

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर–आईएआरआई), पूसा, नई दिल्ली के 64वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्थान की उपलब्धियों, शोध गतिविधियों और शैक्षणिक प्रगति पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।

आईएआरआई के निदेशक डॉ. सीएच श्रीनिवास राव ने बताया कि 13 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी) के भारत रत्न सी. सुब्रह्मण्यम सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगे।

इस समारोह में कुल 470 विद्यार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी। इनमें 180 पीएच.डी. (70 महिला, 110 पुरुष) तथा 290 एम.एससी./एम.टेक. (126 महिला, 164 पुरुष) छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

डॉ. राव ने बताया कि अब तक संस्थान के 12,000 से अधिक छात्र देश-विदेश में कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसे शोध विषयों के चयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है जो जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच किसानों की उत्पादन क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हों। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के लगभग 70 प्रतिशत कृषि वैज्ञानिक आईसीएआर संस्थानों से ही निकलते हैं, जिससे कृषि उच्च शिक्षा में आईसीएआर की अग्रणी भूमिका स्पष्ट होती है।

संस्थान की डीन डॉ. अनुपमा सिंह ने बताया कि आईएआरआई में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी पाठ्यक्रम पूर्ण करते ही ज्ञान और कौशल से संपन्न हो सकें। संस्थान में सक्रिय प्लेसमेंट सेल कार्यरत है तथा स्टार्टअप संस्कृति को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सरकारी एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में नियुक्ति प्राप्त कर रहे हैं।

गौरतलब है कि आईसीएआर–आईएआरआई एक 121 वर्ष पुराना अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थान है, जिसका शैक्षणिक कार्यक्रम वर्ष 1923 में प्रारंभ हुआ था। वर्तमान में आईएआरआई (डीम्ड विश्वविद्यालय) में 3,374 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। देशभर में आईसीएआर के 113 संस्थान कार्यरत हैं, जबकि आईएआरआई के झारखंड एवं असम में स्थापित संस्थान पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में कृषि शिक्षा को सुदृढ़ कर रहे हैं।

संस्थान के 9 क्षेत्रीय केंद्र संचालित हो रहे हैं तथा आईएआरआई को ए+ ग्रेड का दर्जा प्राप्त है, जो इसे देश के कृषि संस्थानों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में स्थापित करता है।

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