बांग्लादेश चुनाव में बवाल: मतगणना के बीच ‘फर्जीवाड़ा’ के आरोप, अवामी लीग ने उठाई रद्द करने की मांग
ईवीएम में गड़बड़ी और लाखों वोट गायब होने का दावा, ढाका समेत कई शहरों में प्रदर्शन तेज
ढाका:
बांग्लादेश में संसदीय चुनाव की मतगणना के दौरान सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। पूर्व सत्ताधारी पार्टी अवामी लीग ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली हुई और कई केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ियां सामने आईं।
मतगणना जारी रहने के बीच पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा कि यह चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका दावा है कि हजारों-लाखों वोटों का रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहा और कुछ अधिकारियों ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। अवामी लीग ने अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और संस्थाओं से मामले में हस्तक्षेप की अपील भी की है।
शेख हसीना के नेतृत्व वाली पार्टी, जो पहले सत्ता में रह चुकी है, अब विपक्ष में है। शुरुआती रुझानों में सत्ताधारी गठबंधन बढ़त बनाता दिखाई दे रहा है, लेकिन अवामी लीग ने इन नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढाका सहित कई प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। कई जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
विपक्षी दलों के कुछ अन्य नेताओं ने भी चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक तनाव और गहरा गया है। वहीं, चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार हुई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत की जांच की जाएगी, लेकिन अभी तक किसी बड़े अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है।
देश में मौजूदा हालात को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ सकता है। जनता की नजर अब अंतिम परिणामों और संभावित कानूनी-राजनीतिक कदमों पर टिकी है।
