तेजी से आगे बढ़ रही ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना

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126 किमी रेल लाइन का 72% से अधिक कार्य पूरा, सुरंग निर्माण अंतिम चरण में

देहरादून: प्रदेश की बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से प्रगति कर रही है। 126 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का 72.5% काम पूरा हो चुका है, जबकि सुरंग निर्माण का 95% से अधिक हिस्सा पूरा कर लिया गया है। यह परियोजना पर्वतीय जिलों को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस रेल लाइन के अंतर्गत कुल 28 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें 16 मुख्य और 12 एस्केप सुरंगें शामिल हैं। आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए एस्केप सुरंगों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। भविष्य की रेल परियोजनाओं में भी इस मॉडल को अपनाने की योजना है।

प्रस्तावित टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन को लेकर तीन संभावित रूट विकल्पों पर सर्वे किया गया है। साथ ही अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को इस कॉरिडोर से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार जारी है। कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल विस्तार की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

परियोजना के तहत बनने वाले रेलवे स्टेशनों को स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप विकसित किया जाएगा। शिवपुरी, देवप्रयाग, श्रीनगर, गौचर और कर्णप्रयाग समेत कई स्टेशनों को विशेष थीम के साथ डिजाइन करने की योजना है, जिससे यात्रियों को क्षेत्रीय पहचान का अनुभव मिल सके।

परियोजना के पूरा होने से चारधाम यात्रा मार्ग को नई मजबूती मिलेगी और राज्य में पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है।

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