टेलीकॉम सुरक्षा में बड़ी मजबूती, साइबर ठगी पर कड़ा प्रहार
दूरसंचार विभाग ने नेटवर्क सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए व्यापक नीतिगत व तकनीकी उपाय
देश में दूरसंचार नेटवर्क को सुरक्षित बनाने और साइबर हमलों व टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने कई अहम नीतिगत और तकनीकी कदम उठाए हैं। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में इसकी जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं ने भारतीय मोबाइल नंबर दिखाने वाली अंतरराष्ट्रीय स्पूफ्ड कॉल्स को पहचानने और ब्लॉक करने की प्रणाली विकसित की है, जिससे ऐसी कॉल्स में करीब 99 प्रतिशत की कमी आई है।
डिजिटल खतरों से निपटने के लिए विभाग ने एक सुरक्षित डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) तैयार किया है, जिसके जरिए टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़ी जानकारी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस, बैंकों, यूपीआई सेवा प्रदाताओं और टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा की जाती है।
नेटवर्क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के लिए वार्षिक सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया गया है। यह ऑडिट अंतरराष्ट्रीय मानकों (ISO/IEC 27001) के अनुसार मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा किया जाता है, जिसमें वल्नरेबिलिटी असेसमेंट और पेनिट्रेशन टेस्टिंग (VAPT) भी शामिल है।
विभाग ने संवेदनशील टेलीकॉम डेटा—जैसे कस्टमर डिटेल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आईपी रिकॉर्ड—की सुरक्षा के लिए भी सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से नेटवर्क उपकरणों, सॉफ्टवेयर और सप्लाई चेन की सुरक्षा के लिए वार्षिक नेटवर्क सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है।
डिजिटल ठगी पर लगाम कसने के लिए फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) विकसित किया गया है, जिससे मोबाइल नंबरों को जोखिम स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। इसके जरिए अब तक ₹1,000 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की राशि रोकी जा चुकी है।
इसके अलावा नागरिकों के लिए शुरू की गई ‘संचार साथी’ पहल के जरिए लाखों खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और करोड़ों फर्जी या संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन काटे गए हैं। विभाग डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियानों, सोशल मीडिया, टीवी-रेडियो संदेशों और ‘संचार मित्र’ योजना के तहत छात्रों को वॉलंटियर के रूप में जोड़कर नागरिकों को शिक्षित कर रहा है।
