Vigilance Action: भ्रष्टाचार मामले में फरार ठेकेदार गिरफ्तार, सरकारी खजाने को पहुंचाया था करोड़ों का नुकसान
विजीलेंस की कार्रवाई में बड़ा खुलासा, आरोपी ने प्लॉट और टेंडर में की थी धोखाधड़ी
अमृतसर: विजीलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में भगोड़े ठेकेदार विकास खन्ना को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (ए.आई.टी.) में चेयरमैन की मिलीभगत से सरकारी नियमों को दरकिनार करते हुए प्लॉट अलॉट करवाए और टेंडर हासिल किए।
कैसे हुआ भ्रष्टाचार:
- विकास खन्ना ने ए.आई.टी. के तत्कालीन चेयरमैन की मदद से 200 वर्ग गज का प्लॉट बाजार दर से बेहद कम कीमत पर अपने नाम अलॉट कराया।
- आरोपी ने अपनी फर्म को धोखाधड़ी से ट्रस्ट में दर्ज कराया और नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकारी टेंडर हासिल किए।
- इसके अतिरिक्त, आरोपी ने वेरका मिल्क बूथ भी धोखाधड़ी से अपने नाम स्वीकृत कराया।
गिरफ्तारी की कहानी:
विजीलेंस ब्यूरो के एसएसपी गुरसेवक सिंह बराड़ ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। ब्यूरो की लगातार कार्रवाई और छापेमारी के दबाव के चलते आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया।
जांच की प्रगति:
आरोपी को केंद्रीय जेल अमृतसर से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया और अदालत से एक दिन का रिमांड लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
