Jalandhar नगर निगम के अफसरों पर अवैध निर्माण को लेकर गंभीर आरोप, “सैटिंग” से फूटा बड़ा मामला

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सैदां गेट के पास अवैध निर्माण का हिस्सा गिरा, नगर निगम पर कार्रवाई में लापरवाही के आरोप

जालंधर: जालंधर नगर निगम की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। शुक्रवार को सैदां गेट के पास नया बाजार में अवैध निर्माण का एक हिस्सा गिरने के बाद शहर में सनसनी फैल गई। हादसे के बाद नगर निगम ने खानापूर्ति के तौर पर नोटिस जारी किया, लेकिन असलियत यह है कि शहर में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध निर्माण के मामलों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

नगर निगम के दफ्तर के सामने अवैध निर्माण

हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के दफ्तर से महज 50 कदम की दूरी पर मैडीकल स्टोर के साथ पिछले 7 महीने से अवैध निर्माण चल रहा था। इस निर्माण को रोकने के लिए किसी भी अधिकारी ने कदम नहीं उठाया। वर्षों से बंद पड़ी एक बिल्डिंग के अंदर से ही नई इमारत खड़ी कर दी गई।

गुप्त रास्ते से हो रहा था निर्माण

सूत्रों के मुताबिक, इस बिल्डिंग का मुख्य शटर बंद रखा गया था और गली के गुप्त रास्ते से निर्माण कार्य जारी था। मई महीने में इस इमारत का लैंटर डाला गया, और इसके लिए बाउंसर तैनात किए गए ताकि कोई हस्तक्षेप न कर सके। नगर निगम के एम.टी.पी., ए.टी.पी. और फील्ड इंस्पेक्टर इस दौरान चुप्पी साधे रहे, जिससे निगम की जिम्मेदारी और कथित “सैटिंग” पर सवाल उठ रहे हैं।

बिल्डिंग गिरने के बाद हरकत में आई निगम टीम

नया बाजार में अवैध निर्माण का हिस्सा गिरने के बाद नगर निगम ने कुछ निर्माण कार्य रोक दिया। हालांकि, इसे केवल खानापूर्ति बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मामला ठंडा होते ही दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।