बड़ी खबर: भ्रामक खबरें प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार स्टिंगबाज का सार्गिद, बेनकाब होते चेहरे

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देहरादून। फर्जी न्यूज के सहारे कारोबार करने वाले स्टिंगबाज के सार्गिद को दून पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उक्त सार्गिद ने अपने दो और साथियों के साथ मिलकर सरकार को बदनाम करने के लिए सुनियोजित करीके से सीएम रावत के दूर के रिश्तेदार का नाम उनके साथ जोडकर समय-समय पर न्यून प्रकाशित की। इतना ही नहीं जिस घटना का मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई संबंध नहीं था बवजूद इसके भी सीएम कार्यालय और मुख्यमंत्री रावत के परिवार को निशाना बना पर न्यूज प्रकाशित की गयी। जिसके बाद दूर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए एक सख्स को गिरफतार किया है।

अभियुक्त राजेश शर्मा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता डाॅ0 हरेन्द्र सिंह रावत निवासी, डी-6 डिफेंस कालोनी देहरादून द्वारा थाना नेहरूकालोनी में लिखित तहरीर दी की वह एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं तथा वर्तमान में कालेज आफ एज्यूकेशन मियावाला में प्रबन्धक के पद पर नियुक्त हैं। कुछ समय पूर्व उनके एक परिचित ज्योति विजय रावत द्वारा उन्हें जानकारी दी कि उमेश शर्मा नामक एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट की। उक्त पोटस को सुनियोजित तरीके से प्रकाशित किया गया और कहा गया कि उनकी पत्नी सविता रावत के बैंक खातों में नोटबंदी के दौरान झारखण्ड से एक व्यक्ति अमृतेश चैहान द्वारा स्वंय को झारखण्ड गौ- सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाने की एवज में रिश्वत की धनराशि प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को देने हेतु भेजी गयी।

उन्होेंने पुलिस को बताया कि धनराशि के लेन-देन से सम्बन्धित कुछ कूटरचित दस्तावेज भी वीडियों के माध्यम से दर्शित किये गये, साथ ही उनकी पत्नी का मां0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड की धर्म पत्नी की सगी बडी बहन होने का दावा किया गया। स्टिंगबाज उमेश शर्मा व अमृतेश चैहान द्वारा अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी निजि सूचनाओं को गैरकानूनी तरीके से प्राप्त करते हुए सार्वजनिक किया। इस सम्बन्ध में उनके द्वारा अपने ऊपर उमेश शर्मा द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच हेतु लिखित प्रार्थना पत्र वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मुख प्रेषित किया गया।

पुलिस ने बताया कि उक्त पत्र के आधार पर राजपत्रित अधिकारी द्वारा वीडियो में उल्लेखित सभी तथ्यों की जांच की गयी तथा जांच में उक्त सभी तथ्य व दस्तावेज कूटरचित पाये गये। उमेश शर्मा द्वारा अपने अन्य साथियों, जो पर्वजन पोर्टल, पहाड टीवी समाचार चैनल तथा क्राइम स्टोरी समाचार पत्र के माध्यम से इस प्रकार की असत्य तथा निराधार व कपटपूर्ण खबरें अपने समाचार चेनल, पोर्टल पर चलायी गयी तथा अपने समाचार पत्र में प्रकाशित करते हुए उनकी छवि को धूमिल करते हुए सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया गया।

पुलिस के आलाधिकारियों ने बताया कि चूंकि उक्त मामला अत्यंत गम्भीर प्रवृत्ति का था, जिस पर तत्काल अभियोग पंजीकृत करते हुए टीम गठित की गयी। गठित टीम द्वारा विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए वादी तथा गवाहों के बयान लिये गये तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये अभिलेखीय साक्ष्यों तथा उक्त प्रसारित वीडियो व पुरानी पत्रावलियों का गहनता से अवलोकन किया गया।

साक्ष्यों के अवलोकन से पाया गया कि उमेश शर्मा द्वारा अमृतेश चैहान, शिव प्रसाद सेमवाल तथा राजेश शर्मा के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत सरकार को अस्थिर करने तथा सरकार व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के विरूद्ध आम जन-मानस में भ्रान्ति, अप्रीति तथा घृणा उत्पन्न करने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेजों को प्रदर्शित करते हुए उक्त भ्रामक वीडियो प्रसारित किया गया तथा लगातार अपने सामाचार चैनल, पोर्टल व समाचार पत्र के माध्यम से झूठी व भ्रामक खबरें प्रसारित की गयी। जिस पर तत्काल अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी हेतु एक टीम गठित की गयी तथा गठित टीम उक्त अभियोग में अभियुक्त राजेश शर्मा को सुमन नगर, चोरखाला से गिरफ्तार किया गया। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम को निर्देशित किया गया है।