जनता दर्शन में योगी का कड़ा संदेश, जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं
उपशीर्षक: गोरखपुर में फरियादियों की शिकायतें सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, अवैध कब्जे हटाने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर जबरन कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।
फरियादियों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं
गोरखनाथ मंदिर परिसर में हुए जनता दर्शन में करीब 200 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पीड़ितों को उसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। सभी मामलों का पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय में निस्तारण किया जाए।
अवैध कब्जे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जमीन से जुड़े मामलों में योगी ने अधिकारियों को विशेष गंभीरता दिखाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिले, वहां जांच कर जमीन को कब्जामुक्त कराया जाए। भूमाफिया और गरीबों की संपत्ति हड़पने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह की शिकायतों को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं होगा।
सपा पर लगाए माफिया संरक्षण के आरोप
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में माफिया और जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि गरीबों और व्यापारियों की संपत्तियों पर कब्जे की घटनाएं इसी तरह की व्यवस्था का परिणाम रही हैं।
विकास परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया
गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को भी गति दी। उन्होंने करीब 495 करोड़ रुपये की लागत वाली गोडधोइया नाला परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। इसके अलावा दूसरे चरण और सीवरेज से संबंधित करीब 880 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास भी किया।
