दीपावली से पहले धामी सरकार का निकाय कर्मचारियों को तोहफा, वेतन-पेंशन के लिए 328 करोड़ जारी
उपशीर्षक: अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए जारी हुई तीसरी किस्त, नगर निगमों को 148.26 करोड़ और नगर पालिका परिषदों को 141.95 करोड़ रुपये मिलेंगे
देहरादून। दीपावली के त्योहार से पहले उत्तराखंड की धामी सरकार ने शहरी निकायों के कर्मचारियों को राहत दी है। कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य जरूरी वित्तीय देनदारियों के भुगतान में परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने 328.27 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के लिए स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वित्त विभाग की ओर से यह धनराशि जारी की गई है। शासनादेश के मुताबिक, पांचवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर निकायों को यह बजट उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जारी की गई राशि का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित भुगतान में किया जाए।
नगर निगमों को मिलेंगे सबसे अधिक 148 करोड़ रुपये
जारी बजट में अलग-अलग शहरी निकायों के लिए धनराशि निर्धारित की गई है। इसके तहत नगर निगमों को 148.26 करोड़ रुपये, नगर पालिका परिषदों को 141.95 करोड़ रुपये और नगर पंचायतों को 38.07 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कुल स्वीकृत धनराशि में से एक प्रतिशत यानी करीब 3.24 करोड़ रुपये उत्तराखंड पालिका केंद्रीयकृत पेंशन निधि के लिए निर्धारित किए जाएंगे। इसके बाद शहरी निकायों को खर्च के लिए लगभग 325.03 करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे।
31 दिसंबर तक देना होगा खर्च का हिसाब
सरकार ने बजट जारी करने के साथ ही इसके उपयोग को लेकर भी समयसीमा तय की है। सभी शहरी निकायों को 31 दिसंबर 2026 तक खर्च की गई धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जारी बजट का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया गया है।
अब वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद शहरी विकास निदेशालय की जिम्मेदारी होगी कि वह संबंधित निकायों तक जल्द धनराशि पहुंचाए। सरकार की इस पहल से प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन-पेंशन भुगतान को गति मिलने की उम्मीद है।
