उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. वहीं प्रदेश के कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. लेकिन अभी प्रदेशवासियों को बारिश से निजात मिलने वाली नहीं है. देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने आज देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है.
इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का पूर्वानुमान जताया गया है. वहीं मौसम विभाग द्वारा पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के एक-दो दौर होने का अंदेशा जताया गया है. राज्य के शेष जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है.
प्रदेश के देहरादून और टिहरी जनपद में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने का भी अंदेशा जताया गया है. जिसको लेकर मौसम विभाग ने इन ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट व सतर्क मोड पर है. भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए देहरादून, चंपावत और पिथौरागढ़ में कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है.
देहरादून में आज आसमान में आंशिक रूप से लेकर आमतौर तौर से बादल छाए रहेंगे. हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों में तेज बारिश का अंदेशा जताया गया है. अधिकतम व न्यूनतम तापमान 30°C तथा 23°C के लगभग रहने की संभावना है.
प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. भारी बारिश के कारण कई जगह संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है. प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं. पर्वतीय अंचलों में भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है. भारी बारिश से जगह-जगह पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं हो रही हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बहुत जरूरी न हो तो पहाड़ी क्षेत्रों का सफर टाल दें और पूरी सावधानी बरतें.
