जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में आज बड़ा दिन, जांच रिपोर्ट लोकसभा में पेश, कैश कांड पर संसद में बढ़ेगी हलचल
नई दिल्ली। जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कथित कैश कांड की जांच रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश की जा रही है। तीन सदस्यीय जांच समिति ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी। अब रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी जा रही है।
दो हिस्सों में है जांच रिपोर्ट
लोकसभा सचिवालय के अनुसार, जांच रिपोर्ट के दो वॉल्यूम सदन में रखे जाएंगे। रिपोर्ट का एक भाग हिंदी और दूसरा अंग्रेजी में है। इसके साथ जांच के दौरान दर्ज किए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी सदन के सामने रखे जाएंगे। यह प्रक्रिया Judges (Inquiry) Act, 1968 और संबंधित नियमों के तहत हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
मार्च 2025 में दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास के स्टोर रूम में आग लगने के बाद वहां कथित तौर पर बड़ी मात्रा में जले हुए नोट मिलने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद उनकी भूमिका और परिसर में नकदी मौजूद होने को लेकर सवाल उठे। जस्टिस वर्मा ने आरोपों से इनकार किया था।
संसद में शुरू हुई थी हटाने की प्रक्रिया
मामले के बाद 200 से अधिक सांसदों ने जस्टिस वर्मा को पद से हटाने की मांग उठाई थी। लोकसभा अध्यक्ष ने अगस्त 2025 में आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने मई 2026 में अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी थी।
जस्टिस वर्मा दे चुके हैं इस्तीफा
जस्टिस यशवंत वर्मा ने अप्रैल 2026 में न्यायाधीश पद से इस्तीफा दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, उनके इस्तीफे के बावजूद जांच समिति ने अपनी प्रक्रिया जारी रखी। अब रिपोर्ट संसद में रखे जाने के बाद मामले की संसदीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रिपोर्ट पर टिकी नजर
जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकाले गए हैं, यह संसद में रिपोर्ट रखे जाने के बाद सामने आएगा। रिपोर्ट के निष्कर्ष आगे की संसदीय कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मामला न्यायपालिका की जवाबदेही और न्यायिक संस्थानों की विश्वसनीयता से जुड़ा होने के कारण इस पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।
