🛑 पेंशनधारकों पर संकट के बादल: चंडीगढ़ नगर निगम ने बिजली बिल भरने के लिए पेंशन फंड से निकाले 6 करोड़! वेतन के लिए भी नहीं पैसा, कर्मचारियों में गुस्सा – जल आपूर्ति पर भी मंडराया संकट, प्रशासन के पास नहीं बचा विकल्प
चंडीगढ़: आर्थिक तंगी से जूझ रहे चंडीगढ़ नगर निगम ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। कजौली वाटर वर्क्स का बिजली बिल चुकाने के लिए पेंशन फंड से 6 करोड़ रुपये निकालने पड़े। समय पर भुगतान न होने पर लगभग 11 लाख रुपये की पेनल्टी लग सकती थी, जिसे टालने के लिए यह फैसला लिया गया। लेकिन इस कदम से पेंशनधारकों और कर्मचारियों में भारी असंतोष फैल गया है।
नगर निगम की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हर महीने पंजाब को 4-5 करोड़ रुपये बिजली बिल के रूप में देना भी बोझ बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला जरूरी था, क्योंकि बिजली आपूर्ति बंद होने से जल आपूर्ति भी ठप हो सकती थी।
💬 भविष्य में पेंशन वितरण भी हो सकता है बंद!
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह पेंशन फंड से निकासी होती रही, तो निकट भविष्य में पेंशनरों को समय पर भुगतान करना मुश्किल हो जाएगा। राजस्व के सीमित साधनों और केंद्र से मिलने वाली अपर्याप्त सहायता ने निगम को गंभीर संकट में डाल दिया है। निगम अब वैकल्पिक वित्तीय योजनाओं पर विचार कर रहा है, लेकिन जब तक स्थायी समाधान नहीं मिलता, तब तक ऐसे अस्थायी कदम उठाने पड़ सकते हैं।
इस निर्णय के बाद निगम कर्मचारियों और पेंशनधारकों में रोष है। सभी की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
