🇮🇳 Republic Day 2025: 77 साल बाद भी गुमनामी और संघर्ष में जी रहा स्वतंत्रता सेनानी का परिवार मोगा के स्वतंत्रता सेनानी जवाहर सिंह को 1972 में ताम्रपत्र से किया गया था सम्मानित, लेकिन उनका परिवार आज भी सरकारी उपेक्षा और संघर्ष का शिकार।
मोगा : जहां देशभर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस 2025 धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं मोगा जिले के स्वतंत्रता सेनानी राष्ट्रीय शहीद जवाहर सिंह का परिवार आज भी सरकारी उपेक्षा का शिकार है। 1972 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा ताम्रपत्र से सम्मानित किए गए इस योद्धा के परिवार को आज तक किसी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिला।
🔹 प्रशासनिक अनदेखी और संघर्ष
✔ 58 साल से सरकारी समारोहों से बाहर रखा गया परिवार
✔ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पेंशन से वंचित
✔ पुरखों की जमीन पर अवैध कब्जा, न्याय की आस
✔ सरकारी वादों के बावजूद कोई राहत नहीं
🔹 मां के आंसू और दर्दभरी पुकार
80 वर्षीय माता महेन्द्र कौर ने बताया कि सरकार 100 रुपये की लोई और लड्डू के डिब्बे तो भेज देती है, लेकिन न्याय और हक़ नहीं देती।
🔹 सरकार से सीधा सवाल!
✔ जब किसानों और अन्य शहीदों के परिवारों को नौकरी दी जाती है,
✔ जब अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर स्कूल और सड़कें बनाई जाती हैं,
✔ तो फिर जवाहर सिंह के परिवार को क्यों भुला दिया गया?
परिवार का कहना है कि इस बार गणतंत्र दिवस पर ताम्रपत्र वापस कर देंगे, ताकि सरकार की उदासीनता को सबके सामने लाया जा सके। प्रशासन को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को सम्मान और सुविधाएं दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
🚨 क्या इस गणतंत्र दिवस पर मिलेगा न्याय? 🤔
