पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र के कुमाऊं दौरे ने कार्यकर्ताओं में भरा नया जोश, तस्वीरों में देखें कुछ झलकियां
देहरादून। 23 जून को शुरू हुए पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र का कुमाऊं दौरा काफी प्रभावशाली रहा। पहले यह भ्रमण तीन दिवसीय था लेकिन कार्यकर्ताओं के भरपूर स्नेह व प्यार के चलते इसे दो दिन और बढ़ाया गया यानी पहले यह 23 से 25 जून तक तय था, फिर बाद में इसे 27 जून तक किया गया।

हल्द्वानी में रक्तदान शिविर के बाद पूर्व सीएम भारतीय जनता पार्टी के हल्द्वानी कार्यालय पहुंचे जहां कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पूर्व सीएम ने सभी से भेंट व वार्ता की।


भीमताल में ही उन्होंने साहसिक खेल संचालकों से भेंट कर उन्हें प्रदेश में साहसिक खेलों की अपार संभावनों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि साहसिक खेलों के लिए अलग से निदेशालय बनाने का फैसला हमने लिया था और नीति भी तैयार की जिसे हमारे पड़ोसी राज्य हिमाचल ने भी अपनाया। उन्होंने कहा कि इसे बनाने का हमारा उद्देश्य, इस क्षेत्र से जुड़े हमारे युवा साथियों को प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध करवाना है। यहां भी उन्होंने भवाली में पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंट कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए कार्यों की जानकारी दी।
25 जून को अपने अल्मोड़ा प्रवास के दौरान त्रिवेन्द्र ने वहां के प्रसिद्ध न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के मंदिर में पूजा अर्चना कर सभी की खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में वृक्षारोपण भी किया। गोल्ज्यू महाराज का आशीर्वाद लेने के बाद त्रिवेन्द्र पहुंचे भारतीय जनता पार्टी अल्मोड़ा अल्पसंख्यक मोर्चा के मंडल अध्यक्ष स्वर्गीय फहीम अहमद के आवास पर जहां उन्होंने उनके परिजनों को ढाढस बंधाया एवं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
यहां से निकलते ही जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में पार्टी द्वारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल होकर रक्तदाताओं का उनके द्वारा उत्साहवर्धन किया गया। उसके बाद पूर्व सीएम ने वहां स्थापित किए गए ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया और कहा कि संकटकाल में ना ही होगी रक्त की कमीं और ना ही होगी ऑक्सीजन की कमी।

26 जून की शूरुआत पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र ने भगवान शिव के दर्शन से की। बागेश्वर के प्रसिद्ध श्री बागनाथ मंदिर में भगवान शिव को जल चढ़ाकर पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र ने भोलेनाथ से सभी की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इसके बाद वे बागेश्वर के जिला चिकित्सालय में भारतीय जनता पार्टी द्वारा श्याम प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में सेवा ही संगठन के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल हुए।

गौरतलब है कि कि सूखाताल 1993 में पूरी तरह से सूख गई थी लेकिन 2011 में इस ताल में भरपूर मात्रा में पानी देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेसी सरकार में इस पूरी जगह को पार्किंग स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बन गयी थी, जिसको लेकर नैनीताल के एक निवासी ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में पीआईएल भी दाखिल की थी। अगर यह योजना धरातल पर उतरती तो सूखाताल को पुनर्जीवित करने का हमारा सपना, सपना ही रह जाता।

उन्होंने कहा कि अब इस स्थान के एक छोटे से हिस्से में बहुमंजिला पार्किंग बनाई जा रही है और सूखाताल के मूल हिस्से को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे ताल का मूल स्वरूप भी बना रहेगा और नैनी झील के लिये यह जल स्रोत के रूप में सदैव विद्यमान रहेगा।

इसके बाद पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र रामनगर के लिए रवाना हुए जहां वे भारतीय जनता पार्टी उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित चिंतन शिविर में शामिल हुए।
