कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्र ने वीरों को किया नमन, द्रास वॉर मेमोरियल पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख
द्रास (लद्दाख)। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश ने 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में आयोजित मुख्य समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर देशभर में वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया।
द्रास वॉर मेमोरियल में श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके साहस, शौर्य और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित किया और वीर जवानों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
ऑपरेशन विजय के वीरों को याद किया
समारोह के दौरान कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के अदम्य साहस और ऑपरेशन विजय की ऐतिहासिक सफलता को याद किया गया। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में दुश्मन के कब्जे वाली चोटियों को मुक्त कर तिरंगा फहराया था। इस युद्ध में 527 भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था।
राजनाथ सिंह का सुरक्षा पर संदेश
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। उन्होंने सैनिकों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों का पराक्रम हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
शौर्य संध्या और सैन्य सम्मान
कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में द्रास में आयोजित कार्यक्रमों के तहत सेना ने शौर्य संध्या का आयोजन भी किया। इस दौरान शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिकों और सैन्य अधिकारियों ने युद्ध के वीरों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक आयोजन भी हुए।
देशभर में हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों में भी शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने कारगिल के वीरों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की अमूल्य विरासत है।
