नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को केंद्र सरकार के बहुचर्चित एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा होनी है। इस बीच संसद परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अलग अंदाज में संसद पहुंचे। माथे पर पट्टी, हाथ में लाठी और छात्रों के समर्थन वाले संदेश के साथ पहुंचे पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए छात्र आंदोलन के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया।
छात्रों के समर्थन में दिखे पप्पू यादव
संसद पहुंचने के बाद पप्पू यादव ने कहा कि वह उन छात्रों की आवाज उठाने आए हैं जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता भी जरूरी है।
एंटी पेपर लीक बिल पर होगी अहम बहस
लोकसभा में आज पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और पारित कराने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि नए संशोधन से पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा से जुड़े अपराधों पर और सख्ती होगी। प्रस्तावित कानून में जांच के लिए विशेष तंत्र और मामलों के त्वरित निपटारे जैसे प्रावधान शामिल हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्ष का कहना है कि केवल नया कानून लाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। विपक्षी दलों ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई, NEET-UG विवाद और परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही पर पहले विस्तृत चर्चा की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
संसद के बाहर भी जारी है सियासी घमासान
संसद परिसर में पप्पू यादव की मौजूदगी और उनका प्रतीकात्मक विरोध चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी मांगों को संसद में मजबूती से उठाते रहेंगे। उनके इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए।
सभी की नजर संसद पर
एंटी पेपर लीक बिल पर होने वाली चर्चा को करोड़ों छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार इसे परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष कानून के साथ जवाबदेही और व्यापक सुधारों की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में आज की संसदीय बहस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।