भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा फैसला
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम को देखते हुए राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को अगले दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए यह निर्णय लिया। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
सरकार के अनुसार, लगातार वर्षा के कारण बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले कई मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
श्रद्धालुओं से यात्रा स्थलों पर ही रुकने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर रुकें और मौसम सामान्य होने तक आगे की यात्रा न करें। साथ ही केवल प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
राहत और बचाव दल तैनात
संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF, NDRF, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीमें तैनात कर दी गई हैं। सड़कों से मलबा हटाने और फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है। प्रशासन लगातार यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहा है।
मौसम सामान्य होने पर होगा अगला फैसला
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगले दो दिनों तक मौसम और सड़क मार्गों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। परिस्थितियां अनुकूल होने पर ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले आधिकारिक मौसम और यात्रा संबंधी अपडेट देखने की सलाह दी गई है।
मानसून में बढ़ी चुनौती
हर वर्ष मानसून के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बार भी लगातार बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही यात्रा को फिर से शुरू किया जाएगा।
