नई दिल्ली। FIH हॉकी विश्व कप 2026 से पहले भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई नारंगी (केसरिया) जर्सी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। भारतीय हॉकी की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह नई जर्सी पेश किए जाने पर पूर्व कप्तान वीरन रासक्विन्हा ने कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए हॉकी इंडिया के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व कप्तान बोले, ‘भारत की पहचान हमेशा नीली जर्सी रही’
पूर्व भारतीय कप्तान और ओलंपियन वीरन रासक्विन्हा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय हॉकी टीम की सबसे बड़ी पहचान उसकी नीली जर्सी रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उन्होंने गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी और प्रशंसक भी भारतीय टीम को इसी रंग से जोड़ते हैं। उन्होंने सवाल किया, “नारंगी जर्सी का तर्क क्या है?” और इस बदलाव को “निराशाजनक” बताया।
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि जर्सी बदलने या इतिहास बदलने की कोशिशों से देश की पहचान नहीं बदल सकती। उन्होंने कहा कि देश के युवा अपनी राय स्पष्ट कर चुके हैं और राष्ट्रीय पहचान से जुड़े प्रतीकों में बदलाव को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
हॉकी इंडिया ने दिया यह तर्क
हॉकी इंडिया ने नई जर्सी का बचाव करते हुए कहा कि केसरिया रंग साहस, त्याग और विजय का प्रतीक है। संस्था के अनुसार जर्सी की डिजाइन भारतीय तिरंगे, अशोक चक्र और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। जर्सी में गहरे नीले रंग का भी उपयोग किया गया है, जो अशोक चक्र और भारतीय हॉकी की विरासत को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
नई जर्सी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। एक वर्ग इस बदलाव को नई पहचान और आधुनिक सोच का प्रतीक बता रहा है, जबकि कई पूर्व खिलाड़ी और खेल प्रेमी मानते हैं कि भारतीय हॉकी की वैश्विक पहचान उसकी नीली जर्सी से जुड़ी रही है और इसमें बदलाव की आवश्यकता नहीं थी।
विश्व कप से पहले बढ़ा विवाद
भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें 2026 FIH हॉकी विश्व कप में इसी नई जर्सी में उतरने वाली हैं। ऐसे में टूर्नामेंट शुरू होने से पहले जर्सी को लेकर छिड़ा यह विवाद खेल और राजनीति, दोनों क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें हॉकी इंडिया की अगली प्रतिक्रिया और खिलाड़ियों की आधिकारिक राय पर टिकी हैं।