संयुक्त राष्ट्र में भारत की मजबूत आवाज
न्यूयॉर्क में सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र में भारत ने समावेशी विकास का वैश्विक मॉडल प्रस्तुत किया
भारत ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित सामाजिक विकास आयोग (CSocD) के 64वें सत्र में भाग लेकर समावेशी और अधिकार-आधारित सामाजिक विकास के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में श्रीमती ठाकुर ने कहा कि भारत में सामाजिक न्याय और सामाजिक संरक्षण मजबूत संवैधानिक गारंटियों पर आधारित हैं और देश के दीर्घकालिक विज़न “विकसित भारत 2047” के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार के मार्गदर्शक सिद्धांत “सबका साथ, सबका विकास” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पीछे न छूटे।
उन्होंने समावेशिता, व्यापकता और अंतिम सिरे तक प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाने वाली भारत की प्रमुख राष्ट्रीय पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिनमें शामिल हैं—
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दूरदराज़ क्षेत्रों में बेहतर विद्यालय बुनियादी ढांचे और आवासीय शिक्षा के माध्यम से लड़कियों और लड़कों की शिक्षा में समान भागीदारी।
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पाइप से पेयजल, स्वच्छ खाना पकाने की ऊर्जा और स्वच्छता सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार, जिससे महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ।
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करोड़ों बैंक खातों के ज़रिये वित्तीय समावेशन, जिसमें महिलाएं उद्यमिता और ऋण योजनाओं की प्रमुख लाभार्थी बनीं।
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महिलाओं और बच्चों के लिए समर्पित हेल्पलाइन और एकीकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से राष्ट्रव्यापी सुरक्षा व सहायता तंत्र।
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम, जिनसे 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी जुड़े।
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बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, असंगठित श्रमिकों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विस्तारित सामाजिक सुरक्षा और लक्षित योजनाएं।
भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जिससे सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए भारत ने मजबूत बहुपक्षीय सहयोग, क्षमता निर्माण और दक्षिण–दक्षिण सहयोग के समर्थन पर ज़ोर दिया।
64वें सत्र की अध्यक्षता संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत क्रिस्टीना हायोविशन ने की। सत्र को यूएन की उप महासचिव अमीना जे. मोहम्मद, महासभा अध्यक्ष अन्नालेना बेरबॉक, ईकोसोका अध्यक्ष एवं नेपाल के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत लोकबहादुर थापा, डीईएसए की नीति समन्वय सलाहकार ब्योर्ग सैंडकेयर तथा सामाजिक विकास पर एनजीओ समिति की अध्यक्ष जिलियन डिसूजा-नाजारेथ ने संबोधित किया। इस सत्र में 100 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने भाग लिया।
