अखिलेश यादव की ‘जाति की राजनीति’ पर सीएम योगी का हमला, कहा- पसीना बहाया तब बदला परसेप्शन

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट किया गया. पहले जहां 4.68 लाख करोड़ के प्रस्ताव आते थे, आज उसी यूपी में 35 लाख करोड़ के प्रस्ताव आए हैं. केवल एनसीआर तक ही ये सीमित नहीं है, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में लाखों करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इसके लिए अभियान चलाना पड़ा. छह साल तक टीम यूपी लगातार काम करती रही, पसीना बहाया, तब परसेप्शन बदला.

गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में बजट पर चर्चा करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. उनका फोकस फरवरी में संपन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर रहा. उन्होंने कहा कि हमारे पास आज बेहतर कनेक्टिविटी है, एक्सप्रेस-वे, रेल नेटवर्क, एयर नेटवर्क है. हमने सेक्टोरल पॉलिसी बनाई और उसमें कार्ययोजना बनाकर अपने परिश्रम को आगे बढ़ाया. पॉलिसी बनाई गई, एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स बनाकर, 64 हजार हेक्टेयर भूमि का लैंडबैंक बनाकर भूमाफियाओं से मुक्त कराया. परिणाम हमारे सामने है.

सीएम योगी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस बार हमारे डिप्टी सीएम और वरिष्ठ मंत्रीगण जिस देश में गए उनका हर जगह सम्मान के साथ स्वागत हुआ. हमारी टीम दुनिया के 16 देशों और भारत के आठ शहरों में से बड़े पैमाने पर निवेश लेकर आई. हमारे जनप्रतिनिधियों ने यूपी के हर जिले में निवेशक सम्मेलन किए. यूपी की ये सबसे बड़ी सफलता है कि जहां 75 जनपद कवर हो रहे हैं तो वहीं सबसे पिछड़े इलाके पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भी भारी निवेश हुआ है. पहले यूपी के इन्वेस्टर्स समिट लखनऊ में न होकर दिल्ली और मुम्बई में होते थे. पूछा जाता था कि यूपी में क्यों नहीं करते तो जवाब मिलता था कि यूपी में कोई नहीं आएगा.

हमारे पास समाधान करने वाली टीम है- योगी

योगी ने कहा कि बीजेपी 5 साल तक प्रदेश में सफलतापूर्वक शासन करने के बाद फिर से दो तिहाई बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता में आई है. 2016 का बजट 3.29 लाख करोड़ का था. 2017 में 3.40 लाख करोड़ का बजट था. आज 6 साल बाद हमने 6.90 लाख करोड़ का बजट सदन में पेश किया, जो प्रदेश के 25 करोड़ जनमानस की आकांक्षाओं के अनुरूप है. ये बजट यूपी की अर्थव्यवस्था में विकास को दिखाता है.

सीएम योगी ने एक बार फिर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि मैंने कल भी कहा था कि समस्या के समाधान के दो रास्ते होते हैं, या तो उसमें भाग लो या उससे भाग लो. हमारे पास समाधान करने वाली टीम है. जब हम वसुधैव कुटुम्बकम की बात करते हैं तो वो जाति की बात करते हैं. जब हम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की बात करते हैं तो वह जाति की बात करते हैं. जब हम बजट की बात करते हैं तो वो जाति की बात करते हैं.