वाहन स्क्रैपेज नीति से सड़क सुरक्षा को मजबूती, 4.30 लाख से अधिक वाहन किए गए स्क्रैप: गडकरी

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कैशलेस इलाज योजना, एटीएस प्रोत्साहन और ‘राहवीर योजना’ के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर केंद्र सरकार का बड़ा फोकस

केंद्र सरकार ने वाहन स्क्रैपेज नीति और सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर कदम उठाए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (RVSF) के माध्यम से 30 जनवरी 2026 तक कुल 4,30,306 वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) 2025-26 के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है। यह राशि पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। इसके अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 10 करोड़ से 200 करोड़ रुपये तक का एकमुश्त प्रोत्साहन मिलेगा, जो अतिरिक्त मोटर वाहन कर रियायतों के क्रियान्वयन से जुड़ा होगा।

सरकारी स्वामित्व वाले 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रति वाहन 50,000 से 1.50 लाख रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं, गैर-सरकारी वाहनों के लिए यह प्रोत्साहन 5,000 से 20,000 रुपये प्रति वाहन तक तय किया गया है।

इसके अलावा, राज्यों को स्वचालित परीक्षण केंद्र (ATS) स्थापित करने पर प्रति केंद्र 5 करोड़ से 9 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसमें 25% राशि कार्य आवंटन और शेष 75% ATS के संचालन से जुड़ी होगी। समय पर संचालन करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान है।

सड़क सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकद रहित उपचार योजना, 2025 लागू की है। इस योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक प्रति पीड़ित 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना ई-डीएआर और एनएचए की TMS 2.0 प्रणाली के माध्यम से लागू की जा रही है और इसका वित्तपोषण मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुधारने के लिए सरकार ने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म उपाय, सड़क सुरक्षा ऑडिट, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, बेहतर साइनेज, आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं और डेटा प्रबंधन जैसे कई कदम उठाए हैं।

इसके साथ ही, राहवीर योजना में संशोधन कर सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को मिलने वाली इनाम राशि 5,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है।

सरकार का उद्देश्य इन सभी पहलों के जरिए सड़क दुर्घटनाओं में कमी, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है।

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