उत्तराखंड का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल फायर सेफ्टी ऑडिट में फिर फेल!

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देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय (दून अस्पताल) एक बार फिर से अग्निशमन विभाग के फायर ऑडिट में फेल हो गया है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ओपीडी में हर रोज करीब 3 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा सैकड़ों मरीज भर्ती भी रहते हैं. जबकि, इमरजेंसी में रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन अस्पताल में फायर सेफ्टी को लेकर बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। इस लापरवाही से किसी समय बड़ी अनहोनी होने का खतरा भी बना हुआ है.

दून अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन फायर सिस्टम एक्टिव नहीं है। इस स्थिति में यदि अस्पताल में आग की कोई घटना होती है तो इस पर काबू कर पाना मुश्किल है। जब अग्निशमन विभाग ने अस्पताल के इमरजेंसी और ओटी में ऑडिट किया तो अस्पताल में अग्नि सुरक्षा प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण फायर सेफ्टी ऑटोमेटिक पंप ही खराब अवस्था में पाया गया।

ऑटोमेटिक पंप स्प्रिंकलर सिस्टम, स्टैंडपाइप और फायर हाइटेंड जैसे उपकरणों में पानी की आपूर्ति के लिए स्वचालित रूप से सक्रिय होते हैं। अग्निशमन विभाग ने इनको एक्टिव करने के लिए निर्देश दिए हैं। वहीं, अग्निशमन विभाग की टीम ने जब फायर वाटर पंप को शुरू किया तो उसकी बैटरी ही नहीं चली। चार अग्निशमन यंत्र भी खराब मिले। इससे साफ पता चलता है कि लंबे समय से फायर सेफ्टी का रिहर्सल नहीं हुआ।

यह सब तब सामने आया है, जब हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पूरे देश में सुरक्षा मॉकड्रिल की गई है। ऐसे में दून अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम फेल होना, कई सवाल खड़े कर रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है इसको लेकर अस्पताल को एक पत्र भी लिख रहे हैं. साथ की मामले को लेकर डीएम सविन बंसल को भी सूचित किया जाएगा।

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