बजट सत्र के पांचवें दिन हंगामा, एलपीजी पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
देहरादून/भराड़ीसैंण।
भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के पांचवें दिन एलपीजी गैस के मुद्दे पर सदन के भीतर और बाहर जोरदार हंगामा देखने को मिला। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जबकि बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता रसोई गैस को लेकर धरना-प्रदर्शन करते रहे।
सत्र की शुरुआत होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित मंत्री और विधायक सदन में पहुंचे। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर एलपीजी गैस की आपूर्ति और कालाबाजारी के मुद्दे पर विरोध जताते रहे।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने पीठ से सरकार को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा से बच रही है, जिसके कारण सदन की कार्यवाही करीब 45 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 के तहत प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने इस विषय को नियम 58 के तहत भोजनावकाश के बाद सुनने का निर्णय दिया।
दोपहर तीन बजे सत्र शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार का विषय है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण केंद्र सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है, जबकि घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
विपक्ष का वॉकआउट
सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने अवैध खनन का मुद्दा भी उठाया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष का कहना है कि प्रदेशभर में एलपीजी गैस के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को भी गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नैनीताल जिले में इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
