यूपी में अब राज्यसभा के लिए नहीं होगा चुनाव, यहां जानें क्या है वजह

RAJYA SABHA

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए अब चुनाव नहीं होगा, क्योंकि सभी का निर्विरोध निर्वाचन हो जाएगा. बता दें कि 11 सीट पर 12 लोगों ने अपना नामांकन दाखिल किया है, लेकिन एक मौनी बाबा का पर्चा इसलिए खारिज हो जाएगा कि उनका कोई प्रस्तावक विधायक नहीं है और फिर 11 सीट पर 11 लोग बचेंगे. सभी को नाम वापसी के दिन शाम को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा.

राज्यसभा चुनाव की निर्वाचन प्रक्रिया

1. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र कोई भी खरीद सकता है.

2.  नामांकन पत्र की कीमत 1 रुपये होती है.

3.  नामांकन पत्र तभी स्वीकार होगा जब आपके पास 10 विधायक प्रस्तावक के तौर पर मौजूद हों.

4. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि विधानसभा के जो सदस्य होते हैं वही प्रस्तावक हो सकते हैं विधान परिषद के सदस्य प्रस्तावक नहीं हो सकते.

5. राज्यसभा के चुनाव में विधानसभा के ही सदस्य यानी विधायक ही वोट देते हैं . विधान परिषद के सदस्य राज्यसभा के चुनाव में वोट नहीं डालते.

6. वोटिंग की स्थिति में राज्यसभा चुनाव में प्रेफ्रेंसिएल वोटिंग होती है यानी प्रथम वरीयता, द्वितीय वरीयता के आधार पर विजेता चुना जाता है.

7. राज्य सभा चुनाव के लिए एक उम्मीदवार को कितने वोट की जरूरत है इसका फार्मूला यह है कि उस प्रदेश की विधानसभा की कुल सीटें और वहां राज्यसभा की कितनी सीटों पर चुनाव होना है उसे उससे भाग दे देते हैं और जो संख्या आती है उसमें 1 जोड़ देते हैं. जैसे यूपी में 403/11+1 यानी 36.63+1 = 37.63, इसका मतलब यूपी में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 वोट चाहिए.