जानिए इस बार के बजट में किसको क्या मिला

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में देश का आम बजट 2021 पेश कर दिया है। बजट भाषण पढ़ते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि सरकार ने मई में 5 मिनी बजट पेश किए, आत्मनिर्भर पैकेज GDP का 13 फीसदी हिस्सा है। गरीबों के लिए सरकार गरीब कल्याण योजना लेकर आई। लॉकडाउन में PMGKY योजना लेकर लाई गई। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में अनाज मिला। यह इस दशक का पहला बजट है।

सस्ते घर के लोन पर सब्सीडी एक साल के लिए बढ़ी

सभी के लिए घर, रियायती दर पर घर सरकार का टारगेट है। लोन के 1.5 लाख रुपए तक की राशि पर ब्याज पर छूट की स्कीम एक साल बढ़ाई गई।

इन्फ्रा सेक्टर में विदेशी निवेश पर 100 फीसदी छूट दी गई थी। पर कुछ शिकायतें आई थीं, इसे दूर किया जाएगा। नोटिफाइड इन्फ्रा डेट फंड बनेगा जो जीरो कूपन बॉन्ड जारी करेगा।

75 साल से ऊपर वालों को नहीं देना होगा कोई टैक्स

ब्याज और पेंशन से होने वाली आय में 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आई-टी रिटर्न फाइलिंग में छूट मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे करदाताओं को टैक्स में राहत देंगे। NRIs के लिए डबल टैक्सेशन में राहत देने कि लिए नियम बनाए जाएंगे। टैक्स ऑडिट की सीमा को 5 करोड़ रुपुये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया।

– आजादी के 75वें साल में हमें कुछ छूट देनी चाहिए जो 75 साल या इससे बड़े हैं। इन्हें इनकम टैक्स फाइल करने से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।

– 75 साल से ऊपर के लोगों (सीनियर सिटिजन्स) को पेंशन और ब्याज से होने वाली आय पर अब रिटर्न नहीं भरना होगा।

– असेसमेंट के लिए 6 साल पुराना और सीरियस केस में 10 साल पुराना खाता बही निकालना पड़ता है। इस टाइम लिमिट को घटा कर छह साल से तीन साल किया जाता है।

– निवेश आकर्षित करने के लिए कॉरपोरेट टैक्स घटाया गया, डिविडेंड टैक्स हटाया गयाः वित्त मंत्रीइस कठिन समय में हमारे लोगों ने गजब का संकल्प दिखाया है। अब भारत लीडिंग रोल में रहने वाला है। टैक्स सिस्टम पारदर्शी रखने का समय है। टैक्स पैयर्स पर ज्यादा बोझ डालने के वक्त नहीं है।

प्रवासी मजदूरों के लिए देशभर में एक देश-एक राशन योजना लागू

प्रवासी मजदूरों के लिए देशभर में एक देश-एक राशन योजना शुरू की गई है। महिलाओं को सभी शिफ्ट में काम करने की अनुमति मिलेगी, नाइट शिफ्ट के लिए पर्याप्त सुरक्षा भी दी जाएगी। एमएसएमई सेक्टर के लिए भी बड़ा ऐलान किया गया है और उसके बजट को बढ़ाया गया है।

ट्राइब्यूनल रिफॉर्म पर चल रहा हैकाम  

ट्राइब्यूनल रिफॉर्म पर काम चल रहा है। इसके लिए नए प्रस्ताव किए जा रहे हैं। नैशनल कमीशन फॉर अलायड प्रोफेशनल एक्ट लाया जाएगा। इसके अलावा नैशनल नर्सिंग एंड मिडवाफरी बिल लाया जाएगा।

PSLV C51 लॉन्चिंग पर हो रहा है काम  

PSLV C51 लॉन्चिंग पर काम हो रहा है। गगनयान योजना के तहत चार भारतीय एस्ट्रोनॉट की ट्रेनिंग रूस में चल रही है । 2021 दिसंबर में अनमैन्ड मिशन जाएगा।

100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को तहे दिल से स्वीकार किया गया है। 100 नए सैनिक स्कूल बनेंगे। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। हायर एजुकेशन कमीशन बनेगा। इसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा।

किसानों के लिए बजट में बड़ा ऐलान, MSP सिस्टम में होगा बदलाव

– सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम है। पीएम ने 80 मिलियन परिवारों को कई महीनों तक मुफ्त गैस मुहैया कराया, 40 मिलियन से अधिक किसानों, महिलाओं, गरीबों के लिए सीधे नकद राशि मुहैया कराई।

– 2013-14 में गेहूं पर सरकार ने 33 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। 2019 में हमने 63 हजार करोड़ रुपए की खरीदारी की जो बढ़ कर लगभग 75 हजार करोड़ रुपए हो गई है। 2020-21 में 43 लाख किसानों को इसका फायदा मिला।

– धान खरीदारी पर 2013-14 में 63 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए। इस बार यह बढ़कर 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपए हो चुका है। इस साल ये आंकड़ा एक लाख 72 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। 1.2 करोड़ किसानों को पिछले साल फायदा हुआ। इस बार 1.5 करोड़ किसानों को फायदा हुआ।

– दाल की खरीदारी में 236 करोड़ रुपए 2014 में खर्च हुए। हम इस साल 10 हजार 500 करोड़ रुपए की खरीदारी करेंगे। इसमें 40 गुना इजाफा हुआ है।

– 5 फिशिंग हार्बर को आर्थिक गतिविधि के हब के रूप में तैयार किया जाएगा। वहीं, तमिलनाडु में फिश लैंडिंग सेंटर का विकास किया जाएगा।

– असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक पोर्टल बनेगा। बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन वर्कर के लिए हेल्थ, हाउसिंग और फूड स्कीम शुरू होगी।

– इसी साल स्वामित्व स्कीम शुरु किया गया। अब तक 1.8 लाख लोगों को कार्ड मिला है। 2021 में सभी राज्यों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

बीमा कानून में बदलाव

बीमा कानून 1938 में बदलाव किया गया है। FDI को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी मंजूर किया गया है। हालांकि इसके बोर्ड में मेंबर भारतीय होंगे।

रणनीतिक विनिवेश पर जोर

कोविड-19 संकट के बावजूद हम रणनीतिक विनिवेश पर काम करते रहे। बीपीसीएल, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड जैसी कंपनियों का विनिवेश 2022 तक हो जाएगा।

देश भर में बिछेगा सड़कों का जाल, मेट्रो के लिए 11,000 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री ने ऑटो सेक्टर के लिए वॉलेंटरी स्क्रैपिंग पॉलिसी का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने बताया कि सड़क परिवहन मंत्रालय के लिए 118101 करोड का अतिरिक्त प्रावधान है। साथ ही मुम्बई-कन्याकुमारी राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 लाख करोड की लागत से तमिलनाडू में 3500 किलामीटर, 65000 करोड की लागत से केरल 1100 किलामीटर राजमार्ग का निर्माण होगा। 

– पश्चिम बंगाल में सड़क परियोजनाओं के लिए 25 हज़ार करोड़ रुपये दिये गये हैं। वित्‍त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि जल जीवन मिशन (शहरी) लॉन्च किया जाएगा, जिसका उद्देश्य 4378 शहरी स्थानीय निकायों में 2.86 करोड़ घरेलू नल कनेक्शनों के साथ सर्वसुलभ जल आपूर्ति व्यवस्था करना है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर से 30 हजार बसें लेकर चलाया जाएगा। 

– पश्चिम बंगाल में सड़क परियोजनाओं के लिए 25 हज़ार करोड़ रुपये आवंटितच किये गए हैं। 1 लाख करोड़ की लागत से तमिलनाडू में 3500 किलोमीटर, 65000 करोड़ की लागत से केरल 1100 किलामीटर राजमार्ग का निर्माण होगा। मुम्बई-कन्याकुमारी राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा।

– 1100 किलोमीटर लंबी नेशनल हाईवे वर्क्स केरल में होगा। इस पर 65 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर इसका हिस्सा होगा। वहीं, 6500 किलोमीटर हाईवे बंगाल में बनाया जाएगा। इस पर 25 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें कोलकाता-सिल्लीगुड़ी रोड का रिपेयर भी शामिल है।

– भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत 3 हजार किलोमीटर से ज्यादा बन चुके हैं। 8 हजार किलोमीटर का कॉन्ट्रैक्ट मार्च तक दिया जाएगा। रोड इन्फ्रा और इकॉनमिक कॉरिडोर पर काम हो रहा है। 3500 किलोमीटर लंबी लड़क तमिलनाडु में बन रही है। मदुरै-कोल्लम कॉरिडोर शामिल है।

देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर

सरकार की ओर से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की स्कीम लॉन्च की जा रही है। यह स्कीम देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम करेगी। सरकार की ओर से हाइड्रोजन प्लांट बनाने का भी ऐलान किया गया है। बिजली क्षेत्र में PPP मॉडल के तहत कई प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।

नेशनल रेल प्लान 2030 तैयार

नेशनल रेल प्लान 2030 तैयार है। फ्यूचर रेडी रेल सिस्टम बनाना हमारा लक्ष्य है। मेक इन इंडिया पर फोकस है। वेस्टर्न और ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर जून, 2022 तक तैयार हो जाएगा। सोन नगर-गोमो सेक्शन पीपीपी मोड पर बनेगा।

6 स्तंभों पर टिका है 2021-22 का बजट

– 2021-22 का बजट 6 स्तंभों पर टिका है। पहला स्तंभ है स्वास्थ्य और कल्याण, दूसरा-भौतिक और वित्तीय पूंजी और अवसंरचना, तीसरा-अकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, 5वां-नवाचार और अनुसंधान और विकास, 6वां स्तंभ-न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन।

– हमने पिछले बजट में 4.21 लाख करोड़ कैपिटल एक्सपेंडीचर के लिए दिए थे। इस बार 4.39 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगले साल 5.54 लाख करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान है।

– रेलवे डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर, NHAI के टोल रोड, एयरपोर्ट जैसे संसाधनों को असेट मोनेटाइजेशन मैनेजमेंट के दायरे में लाया जाएगा।

ये बजट ‘आपदा में अवसर’ की तरह है।

– ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया की जीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि हमारे पास कैसी क्वॉलिटी है। जो पीछे थे उन्होंने आगे निकलकर परफॉर्म किया। भारत में सबसे कम ऐक्टिव कोरोना केस हैं। हमारी लड़ाई जीत की तरफ है।

– आत्मनिर्भर भारत 130 करोड़ लोगों की आकांक्षा है। इंटरनेशनल सोलार अलायंस में हम साथ हैं। हम नेशन फर्स्ट, किसानों की आमदनी दोगुनी करने, गुड गवर्नेंस, सबके लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण पर फोकस करेंगे।

– प्रिवेंटिव, क्यूरेटिव और वेल बीईंग, पीएम आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना शुरू होगी। इस पर 61 हजार करोड़ रुपए अगले 6 साल में खर्च होंगे। प्राइमरी से लेकर उच्च स्तर तक की स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। नई बीमारियों पर फोकस होगा। नैशनल हेल्थ मिशन से अलग होगा। 75 हजार ग्रामीण हेल्थ सेंटर, सभी जिलों में जांच केंद्र, क्रिटिकल केयर हॉस्पीटल ब्लॉक 602 जिलों में , नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, इंटिग्रेडेट हेल्थ इनफो पोर्टल को मजबूत बनाया जाएगा।

– 17 नए पब्लिक हेल्थ यूनिट को चालू किया जाएगा। 32 एयरपोर्ट पर भी ये बनेंगे। नेशनल इंस्टीट्यूशन ऑफ वर्ल्ड हेल्थ बनेगा। 9 बायो लैब बनेगा। चार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी बनेगा।

पोषण पर फोकस किया जाएगा। न्यूट्रीशन 112 अस्परेशनल जिलों में इस पर खास ध्यान दिया जाएगा। जल जीवन मिशन (अर्बन) लॉन्च किया जाएगा। सभी शहरी निकायों के साथ इस पर काम होगा।

शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 पर एक लाख 41 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगले पांच साल में दो हजार करोड़ रुपए क्लीन एयर पर खर्च होंगे।

पुरानी कारों को स्क्रैप किया जाएगा। इससे प्रदूषण कंट्रोल होगा। तेल आयात बिल भी घटेगा। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर बनाए जाएंगे। निजी गाड़ी 20 साल बाद इन सेंटर ले जाने होंगे।

35 हजार करोड़ कोविड वैक्सीन के लिए होगा। जरूरत हुई तो और फंड दिया जाएगा। 2 लाख 32 हजार करोड़ रुपए का हेल्थ बजट। पिछली बार 92 हजार करोड़ का था। इस बार 137 फीसदी की बढोतरी हुई है।

रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव स्कीम- 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस जरूरी है। ग्लोबल सप्लाई चेन में शामिल करना हमारा लक्ष्य है जिससे ग्लोबल चैंपियन बन सकें। सरकार ने इसके लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए का ऐलान किया था।

आत्मानिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की 

मई 2020 में, गवर्नमेंट ने आत्मानिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की, रिकवरी को बनाए रखने के लिए हमने दो और आत्मानिर्भर पैकेजों की शुरुआत की. RBI द्वारा किए गए उपायों सहित सभी पैकेजों का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग 27.1 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान था।

भारत के पास कोरोन के 2 टीके उपलब्ध हैं

आज भारत के पास 2 टीके उपलब्ध हैं और उसने न केवल अपने नागरिकों को ही नहीं बल्कि 100 या उससे अधिक देशों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया है. जल्द ही 2  और टीके भी मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने गरीबों के लाभ के लिए संसाधनों को बढ़ाया

सरकार ने सबसे गरीब लोगों के लाभ के लिए अपने संसाधनों को बढ़ाया। पीएम गरीब कल्याण योजना, तीन  आत्मनिर्भर भारत पैकेज और उसके बाद की घोषणाएं अपने आप में पांच मिनी बजट की तरह थीं। 

दो या तीन और वैक्सीन्स जल्द आएंगी

कोविड का मुकाबला करने के लिए जीडीपी का 13 फीसदी खर्च हुआ। दो या तीन और वैक्सीन्स जल्द आएंगी।  

आत्मनिर्भर पैकेज ने रिफॉर्म को आगे बढ़ाया

पीएम मोदी ने गरीब तबकों के लिए खजाना खोले रखा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर योजना मिनी बजट की तरह ही है। आत्मनिर्भर पैकेज ने रिफॉर्म को आगे बढ़ाया। वन नेशन, वन राशन कार्ड, प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव, फेसलेस इनकम टैक्स असेसमेंट जैसे सुधार आगे बढ़ाए गए।

देश की बुनियाद को डिगने नहीं दिया

मैं सदन के सभी सदस्यों की तरफ से इन लोगों को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने देश की बुनियाद को डिगने नहीं दिया। विधानसभा और संसद सदस्यों ने सैलरी दे दी। हमने आत्मनिर्भर पैकेज दिए। इस पर 27.1 लाख करोड़ रुपए दिए जो जीडीपी का 13 प्रतिशत है।

लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की

तीन हफ्ते के कंपलीट लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई। इससे 80 करोड़ लोगों को फायदा मिला। आठ करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर मिला। बड़ी आबादी घर में थी। इसके बावजूद हेल्थ वर्कर, बैंक वर्कर, बिजली वाले, हमारे अन्नदाता और जवान नॉर्मल तरीके से काम करते रहे।

ऐसा बजट पहले कभी नहीं बना

जिस तरह से इस बार बजट बनाया गया वैसा पहले कभी नहीं हुआ, ये एक बड़ी चुनौती थी। पिछली बार जब हम बजट पेश कर रहे थे तब ये पता नहीं था कि ग्लोबल इकॉनमी कहां जाने वाली है। हमने ये कल्पना नहीं की थी कि हम हेल्थ संकट की तरफ बढ़ रहे हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2021-22 का बजट पेश किया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में देश का आम बजट 2021 पेश कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट भाषण पढ़ रही हैं। कोरोना संकट काल में अर्थव्यवस्था की रुकी रफ्तार को फिर से बढ़ाने के लिए इस बजट पर हर किसी की नजरें हैं। 

बजट पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक शुरू

थोड़ी देर बाद देश का आम बजट 2021 पेश होने वाला है। इससे पहले बजट को लेकर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। यहां बजट को औपचारिक तौर पर मंजूरी दी जाएगी, उसके बाद वित्त मंत्री संसद में बजट पढ़ेंगी। 

संसद भवन पहुंचे पीएम मोदी

बजट से पहले प्रधानमंत्री मोदी संसद भवन पहुंच चुके हैं। वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी संसद भवन पहुंच चुके हैं।

वित्त मंत्री सीतारमण ने राष्ट्रपति कोविंद के सामने पेश किया बजट

मेड-इन-इंडिया टैबलेट से पेश होगा देश का बजट, राष्ट्रपति भवन पहुंचीं निर्मला सीतारमण। सीतारमण के हाथ में इसबार बहीखाते की जगह टैब दिखा। यह इस दशक का पहला आम बजट होगा जिसे डिजिटल रुप में पेश किया जाएगा। इस बजट में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और रोज़गार देने के लिए कई घोषणाएं हो सकती हैं।

मेड-इन-इंडिया टैबलेट से पेश होगा देश का आम बजट

– मेड-इन-इंडिया टैबलेट से पेश होगा देश का बजट, राष्ट्रपति भवन पहुंचीं निर्मला सीतारमण। सीतारमण के हाथ में इसबार बहीखाते की जगह टैब दिखा। यह इस दशक का पहला आम बजट होगा जिसे डिजिटल रुप में पेश किया जाएगा। इस बजट में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और रोज़गार देने के लिए कई घोषणाएं हो सकती हैं।