त्रिस्तरीय पंचायत चुनावः तो, करीब 500 उम्मीदवारों पर लटक गई तलवार !
देहरादून। पंचायत चुनाव मामले में नैनीताल हाई कोर्ट के याचिकाकर्ता शक्ति सिंह बर्त्वाल ने 500 ऐसे उम्मीदवारों की सूची उत्तराखण्ड राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी है, जिनके नाम नगर निकायों के साथ ही गांव की पंचायत सूची में भी दर्ज हैं। हालांकि बर्त्वाल ने यह भी कहा है कि ऐसे उम्मीदवारों की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है, क्योंकि इतने नाम तो उन्होंने अपने स्तर पर ही जुटाए हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को नगर निकायों और पंचायत दोनों की मतदाताओं सूची में शामिल नाम को लेकर उच्च न्यायालय ने अपना फैसला दे दिया है। न्यायालय ने साफ कर दिया है दो जगह वोटर होने वाले प्रत्याशियों का नाम निरस्त किया जाएगा। इसके लिए हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र को स्टे कर दिया है। समाजसेवी शक्ति सिंह बर्त्वाल द्वारा दाखिल याचिका पर शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंड पीठ पर सुनवाई हुई। खंडपीठ ने साफ किया कि आखिर किस आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दो सूची में नाम वाले प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में नगर निकायों त्रिस्तरीय पंचायत की मतदाता सूची में एक साथ नाम शामिल होने को लेकर रिटर्निंग अधिकारियों ने अलग-अलग निर्णय दिए हैं जिसे लेकर पंचायत चुनाव में कुछ लोगों के नामांकन रद्द हो गए हैं, तो कुछ लोगों के नामांकन को स्वीकृति मिल गई है। याचिका कर्ता के के अधिवक्ता अभीजय सिंह नेगी का सुनवाई के दौरान प्रश्न था कि देश में किसी भी राज्य में मतदाता सूची में दो अलग-अलग निकायों में नाम होना आपराधिक श्रेणी में आता है। ऐसे में उत्तराखंड राज्य में निर्वाचन आयोग द्वारा किस आधार पर ऐसे लोगों के निर्वाचन को स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
