त्रिस्तरीय पंचायत चुनावः बिष्टौंसी जिला पंचायत सीट पर अमेंद्र बिष्ट का जलवा, भाजपा को झटका
देहरादूनः त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी भले ही लगातार बढ़ रही हो, लेकिन इस बीच कई सीटों पर बिना चुनाव लड़े नतीजे भी आने लगे हैं। टिहरी जनपद की बिष्टौंसी जिला पंचायत सीट पर बिना चुनाव लड़े ही परिणाम आ गया है। इस सीट पर अमेंद्र बिष्ट दोबारा जिला पंचायत प्रतिनिधि चुने गये। इस बार उन्हें निर्विरोध निर्वाचित किया गया। यह पहला मौका है जब कोई सदस्य इस सीट पर लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुआ है। वहीं अमेंद्र बिष्ट के निर्विरोध निर्वाचित होने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बिष्ट के निर्विरोध निर्वाचित होने पर महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह है।

टिहरी जनपद की बिष्टौंसी जिला पंचायत सीट पर इस बार मुकाबला कड़ा होने के कयास लगाये जा रहे थे। इसकी वहज अमेंद्र बिष्ट की क्षेत्र में खासी सक्रियता और विकास कार्यों को बताया जा रहा था। अमेंद्र बिष्ट ने जिला पंचायत सदस्य रहते क्षेत्र में कई विकाय कार्याें को अंजाम दिया। उन्होंने जिला योजना के तहत क्षेत्र में कई अभूतपूर्व कार्य किये। जिनका सीधा लाभ स्थानीय जनता को मिला। सीधे सरल स्वभाव के अमेंद्र ने आम आदमी का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किसी को मायूस नहीं होने दिया। यहां तक कि विपक्षी भी उनकी कार्यशैली के कायल हैं। उनकी यही अदा क्षेत्र के कई बड़े नेताऔ के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं। लिहाजा इस बार पंचायत चुनाव में अमेंद्र बिष्ट की घेराबंदी के लिए भाजपा के बड़े नेताओं ने कमर कस ली थी। लेकिन राजनीति के इस घाघ युवा ने ऐसा पंसा फेंका कि सभी चारों खाने चित हो गये।
अमेंद्र बिष्ट इस बार भी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार है, इस पंचायत चुनाव में उनका सीधा मुकाबला भाजपा के उम्मीदवार से होना तय था। लेकिन भाजपा समर्थित उम्मीदवार द्वारा निर्वाचन अधिकारी के समक्ष गलत तथ्य पेश किये गये। जिस पर अमेंद्र बिष्ट द्वारा आपत्ति दर्ज की गई। वहीं निर्वाचन अधिकारी ने बिष्ट की अपत्तियों को सही ठहराते हुए भाजपा समर्थित उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर डाला। वहीं भाजपा इस घटनाक्रम से खासी परेशान है। भाजपा के कई बडे़ दिग्गज इसे पचा नहीं पा रहे हैं।
