प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती को लेकर सरकार के नरम पड़े तेवर

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देहरादून। प्रधानाचार्य के 50 फीसदी रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के फैसले पर सरकार ने नरमी के संकेत दिए हैं। शिक्षा विभाग, प्रधानाचार्य एसोसिएशन और शिक्षक संगठनों से सुझाव लेने के बाद एक बार फिर शिक्षकों के बीच जा रहा हैं। सरकार का विचार है कि पहले प्रमोशन के जरिए सभी पदों को भरने का प्रयास किया जाएगा। उसके बाद भी पद रिक्त रहते हैं तो सीधी भर्ती की जाएगी।

शिक्षा मंत्री डॉ० धन सिंह रावत ने विभागीय अफसरों को शिक्षकों से उनकी सभी समस्याओं और कोर्ट केस के सम्बन्ध में बात करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों को 15 नवम्बर तक शिक्षा महानिदेशक को रिपोर्ट देनी है। सभी की रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मालूम हो प्रधानाचार्य भर्ती के लिए सरकार ने संशोधित नियमावली जारी की है। इसके अनुसार 50 प्रतिशत रिक्त पद सीधी भर्ती से भरे जाने हैं और इसके लिए शर्ते तय की गई हैं। शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री सोहन सिंह माजिला का कहना है कि सरकार को पहले कोशिश करनी चाहिए कि प्रमोशन के जरिए सभी रिक्त पदों को भ्रे। उसके बाद ही भर्ती आदि पर विचार किया जाए।