गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, 1,114 अंक लुढ़का सेंसेक्स, 72% गिरा यस बैंक का शेयर
कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन भारतीय शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में बाजार ने 1000 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। सेसेक्स 1,114 अंक टूटकर 38,000 के नीचे आ गया। वहीं, निफ्टी 11000 के नीचे आ गया। आज मार्च के पहले हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन है और शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। वहीं, यस बैंक के शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
फिलहाल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएससी) का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 1,114.13 (2.90%) अंकों की गिर्वट के साथ 37,356.48 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएससी) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 341.35 (3.03%) अंकों की गिरावट के साथ 10,927.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
ऐसा रहा शेयरों का हाल
आज सभी सेक्टर्स लाल निशान पर खुले। इनमें मीडिया, आईटी, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, ऑटो और मेटल शामिल हैं। शीर्ष 10 गिरावट वाले शेयरों में वेदांता लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टीस, जी लिमिटेड, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, यस बैंक, एसबीआई, हिंडाल्को, टाटा मोटर्स, और कोल इंडिया के शेयर शामिल हैं।
यस बैंक के शेयर में गिरावट
निजी क्षेत्र का यस बैंक कभी निवेशकों का सबसे पसंदीदा हुआ करता था और उसके शेयर आसमान छू रहे थे। लेकिन रिजर्व बैंक की ओर से फंसे कर्ज (एनपीए) का खुलासा हर तिमाही करने के नए नियम से यस बैंक की मुश्किलें धीरे-धीरे बढ़ने लगीं रिजर्व बैंक ने गुरुवार को उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद आज शुक्रवार को इसके शेयर में जोरदार गिरावट देखी जा रही है। फिलहाल यस बैंक के शेयर 72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10.20 रुपये प्रति शेयर पर आ गए हैं। वहीं, इससे पहले शुरुआती कारोबार के दौरान यस बैंक के शेयर 24.97% की गिरावट के साथ 27.65 रुपये पर पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि मुंबई में यस बैंक के बाहर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है और खाताधारकों को बताया जा रहा है कि उनके पैसे सुरक्षित हैं।
आरबीआई ने यस बैंक पर लगाई मौद्रिक सीमा
रिजर्व बैंक ने गुरुवार को संकट में फंसे यस बैंक पर मौद्रिक सीमा लगा दी। अब खाताधारक अब यस बैंक से 50 हजार रुपये से ज्यादा रकम नहीं निकाल सकेंगे। निकासी की यह सीमा 3 अप्रैल, 2020 तक लागू रहेगी। इस घोषणा के बाद शुक्रवार को यस बैंक का शेयर भारी गिरावट पर खुला। पिछले कारोबारी दिन 36.80 के स्तर पर बंद होने के बाद आज यस बैंक का शेयर 33.15 के स्तर पर खुला। इसके बाज 9:30 बजे यह 7.35 अंक यानी 19.97 फीसदी की गिरावट के बाद 29.45 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके साथ ही सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों को पूंजी के संकट से जूझ रहे यस बैंक को खरीदने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मंजूरी दे दी है। इस ऐलान के बाद आज एसबीआई के शेयर में भी गिरावट देखी जा रही है। 288.50 के स्तर पर बंद होने बाद आज यह 268 के स्तर पर खुला।
रुपये में भी गिरावट
डॉलर के मुकाबले रुपया आज यानी शुक्रवार (6 मार्च 2020) को कमजोरी के साथ खुला। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 57 पैसे की कमजोरी के साथ 73.92 रुपये के स्तर पर खुला।
शेयर बाजार में गुरुवार को दर्ज की गई तेजी
बता दें कि देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी दर्ज की गई थी। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 61.13 अंकों की तेजी के साथ 38,470.61 पर और निफ्टी 18.00 अंकों की तेजी के साथ 11,269.00 पर बंद हुआ था। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 194.77 अंकों की तेजी के साथ 38,604.25 पर खुला था और 61.13 अंकों या 0.16 फीसदी तेजी के साथ 38,470.61 पर बंद हुआ। गुरुवार को दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 38,887.80 के ऊपरी स्तर और 38,386.68 के निचले स्तर को छुआ था।
28 फरवरी को 1,448.37 अंक टूटा था सेंसेक्स
फरवरी के अंतिम कारोबारी दिन को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,448.37 अंक टूटकर 38,297.29 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 431.55 अंक टूटकर 11,201.75 के स्तर पर बंद हुआ। यह इस साल की सबसे बड़ी गिरावट है।
बजट के दिन 987 अंक टूटा था सेंसेक्स
इससे पहले इस साल एक फरवरी को बजट के दिन सेंसेक्स ने 10 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई थी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 987.96 अंक या 2.43 फीसदी के नुकसान से 39,735.53 अंक पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 300.25 अंक या 2.51 फीसदी टूटकर 11,661.85 अंक पर आ गया था।
माना जा रहा है कि कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव की वजह से बाजार में गिरावट दर्ज की जा रही है। देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद शेयर बाजारों में फिर गिरावट का सिलसिला जारी है। कोरोना वायरस के मामलों की संख्या अचानक तेजी से बढ़ने की वजह से निवेशक चौकन्ने हो गए हैं।
बता दें कि चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस का कहर अब दुनिया के 70 से अधिक देशों तक फैल चुका है जिससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर बड़ा असर पड़ा है। वायरस फैसने की वजह से फरवरी माह के दौरान केवल मैन्युफैक्चरिंग निर्यात में पांच हजार करोड़ डालर तक की कमी आ सकती है।
