एनडीए में महिलाओं के पहले बैच की टॉपर बनीं हरियाणा की बेटी शनन, ऐसा रहा सफर

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अगर कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो हम क्या कुछ नहीं कर सकते हैं. चाहें फिर वो लड़की हो या लड़का. ऐसा ही जज्बा देखने को मिला है हरियाणा के रोहतक की बेटी शनन ढाका ने. उन्होंने भारतीय सेना में महिलाओं के पहले एनडीए बैच में टॉप किया है. जिससे उनके गांव सुडाना में बेहद खुशी का माहौल है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले साल भारत सरकार ने एनडीए में लड़कियों के प्रवेश की अनुमति दी थी.

रोहतक के एक गांव निवासी शनन को देशसेवा का जज्बा विरासत में मिला है. शनन के दादा चंद्रभान ढाका सेना में सूबेदार थे. इसके अलावा उनके पिता विजय कुमार ढाका ने भी भारतीय सेना में नायक सूबेदार के पद पर रहकर देश सेवा की. अपने दादा और पिता से प्रेरणा लेकर शनन ने भारतीय सेना में शामिल होने का निर्णय लिया था. उनकी पढ़ाई आर्मी स्कूल में हुई है. शनन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज में स्नातक कोर्स में एडमिशन लिया था. फिर एनडीए में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति मिलने पर उन्होंने भी आवेदन किया था.

शनन बनी टॉपर

शनन की मानें तो एनडीए परीक्षा के तैयारी के लिए उन्हें बेहद बहुत कम समय मिला था. एनडीए की परीक्षा के लिए उन्हें महज 40 दिन का समय मिला था. लेकिन उन्होंने जी-जान से इस परीक्षा को क्रैक करने की ठानी और बीते 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों को देखा और बार-बार सोल्व किया. एनडीए की परीक्षा में ढाई घंटे का समय दिया जाता है, जबकि शनन का लक्ष्य मात्र दो घंटों में पेपर हल करने का था. लिखित एग्जाम पास करने के बाद उनका इंटरव्यू हुआ था. 5 दिन तक चले इंटरव्यू में उन्होंने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा. जिसके बाद नतीजे आने पर शनन अपने बैच की टॉपर बनी.