सल्ट उपचुनावः हरकत में हरीश, गंगा की लहर से भाजपा में बेचैनी!

Harish_rawat

देहरादून। बृहस्पतिवार सल्ट उपचुनाव के प्रचार का आखिरी दिन है। 17 तारीख को यहां पर मतदान होना है। इस उपचुनाव में कुल मिलाकर सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस की प्रत्याशी गंगा पंचोली और भाजपा के प्रत्याशी महेश जीना के बीच में माना जा रहा है। जानकारों की माने तो असल में सल्ट का चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बनाम ‘भाजपा व अन्य’ के बीच में है। इस अन्य में भाजपा के भीतर की मिनी कांग्रेस और कांग्रेस के अंदर उनके विरोधियों की एक अलग टीम है। वहीं सल्ट चुनाव से पहले त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री पद से हटने से बीजेपी में भी एक विरोधी टीम खडी हो गयी है तो अपने नेता के अपमान का बदला सल्ट चुनाव के बहाने संगठन और सरकार को देना चाहती है।

पार्टी के भीतर तमाम विरोधों के बावजूद गंगा पंचोली को टिकट दिलाना हरीश रावत के पहले राउंड की जीत हैं। सल्ट चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के प्रचार अभियान की बात करें तो दोनों दलों के पास स्टार प्रचारकों की लम्बी चैड़ी लिस्ट हैं। सत्ताधारी दल भाजपा ने तो वहां तमाम मंत्री, बडे नेता और विधायकों की फौज उतार रखी हैं। जो दिन-रात वहां कैम्प कर महेष जीना के पक्ष में जनसमर्थन जुटाते नजर आ रहे हैं। वहीं इस तरीके के इंतजाम कांग्रेस के पास नजर नहीं आते। ना तो कांग्रेस के पास बड़े नेताओं की फौज है और ना ही मंत्री।

बावजूद इसके गंगा पंचोली को क्षेत्र में बड़ा समर्थन मिल रहा है। उनकी सभाओं में भारी भीड़ जुट रही है। यदि सोषल मीडिया में प्रचार को जीत-हार का पैमाना माना जाय तो भाजपा के लिए अब यहां मुकाबला आसान नहीं है।

कांग्रेस प्रत्याषी गंगा पंचोली बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के पास जा रही है। वहीं भाजपा की बात करें तो उनके पास बताने के लिए प्रदेष सरकार की उपलब्धियां है। इसके साथ ही भाजपा ने यहां लोगों में सुरेन्द्र जीना के प्रति ‘सहानुभूति’ को भी अपना चुनावी हथियार बनाया है।

लेकिन राजनीति के धुरंधर हरीष रावत की पिछले दिनों सोषल मीडिया में जारी दो मार्मिक संदेषों ने अचानक यहां का चुनावी समीकरण बदल दिया है। उन्होंने भाजपा को साफ जता दिया है कि कम से कम सहानुभूति के नाम पर वह सल्ट की सीट आसानी से भाजपा के पाले में नहीं जाने देंगे। हरदा के मार्मिक अपील के दांव से पार्टी में उनके विरोधी भी चारों खाने चित्त है। और गंगा पंचोली की जीत सुनिष्चित देख वापस प्रचार में जुट गये हैं।

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि सल्ट चुनाव भाजपा के लिए साख का सवाल हो सकता है। लेकिन हरीश रावत और प्रदेष कांग्रेस के लिए संजीवनी की तरह है। सल्ट की जीत हार से ही हरीष रावत और कांग्रेस की आगे की दषा और दिषा तय करेगी।

आर्यन से जुडे एक छात्र नेता बताते हैं कि भाजपा के लिए सल्ट चुनाव एकतरफा नहीं रह गया है। सिर्फ सहानुभूति के आधार पर जनता सल्ट की सीट भाजपा की झोली में नहीं डाल सकती। उन्होंने कहा नेतृत्व परिवर्तन के बाद से प्रदेष में भाजपा को लेकर माहौल बदला है। वे हंसते हुए कहते हैं पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत अभी तक सोच रहे है कि मुझे हटाया क्यों? और सीएम तीरथ सिंह रावत एक महीने बाद भी सोच रहे है कि आखिर मुझे सीएम बनाया क्यों?