पंजाब में ग्रामीण विकास का नया अध्याय: 114 पुस्तकालय कार्यरत, अवैध कब्जे से 12,809 एकड़ जमीन मुक्त

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पंचायत भूमि की ई-नीलामी, रोजगार सृजन, खेल मैदान, और आवास योजनाओं के साथ ग्रामीण स्वरूप को बदलने की पहल।

चंडीगढ़, 28 दिसंबर : पंजाब सरकार ने 2024 के दौरान ग्रामीण विकास में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि पंचायत भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने, रोजगार सृजन, और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई योजनाएं सफलतापूर्वक चलाई गईं।

अवैध कब्जे से भूमि मुक्त:
2022 में शुरू हुए अभियान के तहत 2024 तक 12,809 एकड़ पंचायत भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इस भूमि का बाजार मूल्य 3,080 करोड़ रुपए है। 6,000 एकड़ भूमि को पट्टे पर देकर 10.76 करोड़ रुपए वार्षिक आय अर्जित की गई।

ई-नीलामी से आय:
2024-25 के दौरान पंचायत विभाग ने 1.36 लाख एकड़ शमलात भूमि की नीलामी कर 469 करोड़ रुपए जुटाए। ई-नीलामी के जरिए पशु मेलों को पट्टे पर देकर 93.90 करोड़ रुपए की आय अर्जित की गई।

ग्रामीण पुस्तकालय योजना:
गांव ईसड़ू (खन्ना) से शुरू हुई ग्रामीण पुस्तकालय योजना के तहत वर्तमान में 114 पुस्तकालय कार्यरत हैं और 179 निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को इस पहल का उद्घाटन कर इसे बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।

पंचायत चुनाव और रोजगार सृजन:
2024 में आयोजित पंचायत चुनावों में 3,044 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं, जिन्हें विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी।
मनरेगा योजना के तहत 983.98 करोड़ रुपए खर्च कर 2.15 करोड़ मानव-दिहाड़ी सृजित की गई। औसतन 7.02 लाख ग्रामीण परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया।

आवास और पर्यावरण सुधार:
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2024 में 5,166 घरों का निर्माण हुआ, जिन पर 62 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इस वर्ष के अंत तक 18,000 घर बनाने का लक्ष्य है।
इसके अलावा, 95.03 लाख पौधे लगाए गए और 2,461 खेल मैदानों का निर्माण कार्य जारी है।

ग्रामीण कूड़ा प्रबंधन और स्वच्छता:
ग्रामीण इलाकों में ठोस और तरल कूड़े के प्रबंधन के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण स्वरूप को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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