पंजाब GST विभाग की बड़ी कार्रवाई: 163 करोड़ के फर्जी बिलिंग घोटाले का पर्दाफाश लुधियाना में 60 फर्जी फर्मों का नेटवर्क बेनकाब, सरकारी खजाने को भारी नुकसान
चंडीगढ़: पंजाब GST विभाग ने लुधियाना में बड़े फर्जी बिलिंग घोटाले का खुलासा किया है। इस घोटाले में 2 वर्षों के दौरान करीब 163 करोड़ रुपए के फर्जी लेनदेन का खुलासा हुआ है। विभाग ने मैसर्स मोंगा ब्रदर्स (यूनिट-2) पर शिकंजा कसते हुए 60 फर्जी फर्मों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
पंजाब के वित्त, योजना, उत्पाद शुल्क एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि मैसर्स मोंगा ब्रदर्स (यूनिट-2) फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) जनरेट करने के लिए फर्जी फर्मों से खरीदारी कर रहा था। यह सभी फर्में या तो निलंबित थीं या उनके GST पंजीकरण रद्द किए जा चुके थे।
जांच के मुख्य बिंदु:
- 1270 करोड़ की फर्जी बिक्री: घोटाले में शामिल 60 फर्जी फर्मों की कुल बिक्री लगभग 1270 करोड़ रुपए पाई गई।
- व्यावसायिक परिसरों की तलाशी: पंजाब GST अधिनियम, 2017 की धारा 67 के तहत मैसर्स मोंगा ब्रदर्स (यूनिट-2) के कार्यालय और अन्य परिसरों की तलाशी ली गई।
- गिरफ्तारी के आदेश: जांच के आधार पर पंजाब GST अधिनियम, 2017 की धारा 69 और 132 के तहत मोंगा ब्रदर्स (यूनिट-2) के साझेदारों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं।
मंत्री ने किया व्यापारियों से अपील:
हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारिक समुदाय से आग्रह किया कि वे विभाग के साथ सहयोग करें और बकाया कर का भुगतान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि कर चोरी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता:
वित्त मंत्री ने कहा कि कर चोरी पर रोक लगाने और एक पारदर्शी कर प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
