वर्चुअल समिट में बोले पीएम मोदी- ऑस्ट्रेलिया से हमारा संबंध मजबूत और भविष्य उज्ज्वल

PM Modi addresses on coronavirus pandemic

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘वैश्विक महामारी के इस काल में हमारी Comprehensive Strategic Partnership की भूमिका और महत्वपूर्ण रहेगी. विश्व को इस महामारी के आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से जल्दी निकलने के लिए एक coordinated और collaborative approach की आवश्यकता है.’

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमारी सरकार ने कोरोना संकट को एक मौके की तरह देखने का निर्णय लिया है. भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में व्यापक रिफॉर्म की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. बहुत जल्द ही ग्राउंड लेवल पर इसके परिणाम देखने को मिलेंगे.’

इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा, ‘मैं आपको (पीएम मोदी) भारत के भीतर ही नहीं बल्कि पूरे जी -20 और इंडो-पैसिफिक में स्थिर, रचनात्मक और बहुत सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद देता हूं, जो आपने बहुत कठिन समय में निभाई है.’

वर्चुअल समिट से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंध हमेशा करीब रहे हैं. जीवंत लोकतंत्र के रूप में राष्ट्रमंडल से लेकर क्रिकेट और भोजन तक भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध का संबंध मजबूत है और भविष्य उज्ज्वल है.

कोरोना के कारण टला था भारत दौरा

ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन को जनवरी और फिर मई में भारत आना था. जनवरी में वह आस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग के कारण नहीं आ सके और मई में कोरोना महामारी के कारण उनका दौरा नहीं हो सका.

चीन से तनातनी के बीच बैठक

नई दिल्ली स्थित अधिकारियों का कहना है कि दो लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत और आस्ट्रेलिया क्षेत्रीय व वैश्विक मामलों में एक-दूसरे के रुख को समझते हैं. अब दोनों नेताओं ने वर्चुअल बैठक का फैसला किया है. यह बैठक काफी अहम है, क्योंकि दुनिया के कई देशों में चीन के प्रति नाराजगी है.

कोरोना संकट के कारण अमेरिका और चीन में तनातनी है. चीन से निपटने में अमेरिका को जी-7 की भूमिका खास लग रही है. इस समूह में अमेरिका, कनाडा, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं. अमेरिका का मानना है कि चीन से निपटने के लिए इन सबके साथ-साथ भारत, आस्ट्रेलिया, रूस और दक्षिण कोरिया का भी साथ जरूरी है.