दिल्ली हिंसा: संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, मांगा गृहमंत्री शाह का इस्तीफा

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बजट सत्र के दूसरे चरण में सोमवार को कांग्रेस, तृणमूल और आप सांसदों ने दिल्ली दंगों पर सरकार से जवाब मांगते हुए संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास अलग-अलग धरना दिया। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। इसके लिए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई (एम), एनसीपी, डीएमके ने दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। बता दें कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार शुरू हुआ है। बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चला था।

टीएमसी सांसदों ने गांधी के तीन बंदरों का अभिनय करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान महुआ मित्रा, सुखेंदु शेखर राय जैसे सांसद विरोध का हिस्सा थे।  कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अधीर रंजन चौधरी, शशि थरूर और अन्य लोगों ने दिल्ली दंगों पर जवाब देने और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। वहीं आप के चार सांसदों- संजय सिंह, भगवंत मान, एन डी गुप्ता और सुशील गुप्ता ने दिल्ली में हिंसा के खिलाफ संसद की गांधी प्रतिमा के सामने किया। उन्होंने “बीजेपी मुर्दाबाद” के नारे लगाए।

इन नेताओं ने दिया नोटिस

दिल्ली के दंगों पर चर्चा के लिए विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में भी नोटिस दिया है। नोटिस देने वालों में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, एनके प्रेमचंद्रन (आरएसपी), पीके कुंजालिकुट्टी (मुस्लिम लीग), एलाराम करीम (सीपीआईएम), बिनॉय विश्वम (सीपीआई) शामिल हैं।

बता दें कि बीच लोकसभा की कार्यवाही दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि इस दौरान कांग्रेस के कुछ सांसदों ने दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि देने की मांग की।

शाह के इस्तीफे की मांग सदन में उठाते रहेंगे

इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा था कि पार्टी दिल्ली के दंगों का मुद्दा संसद में जोरशोर से उठाएगी। चौधरी ने बताया, ‘सरकार कानून व्यवस्था की स्थिति को बरकरार रखने में पूरी तरह से नाकाम रही है। मुझे लगता है कि दंगा फैलाने वालों और पुलिस अधिकारियों के एक वर्ग की मिलीभगत हो सकती है जिसके कारण हुई भीषण हिंसा ने पूरी दुनिया में हमारी (भारत की) छवि को दागदार बना दिया है। हम सभी के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा, ‘हम गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग सदन में उठाते रहेंगे। इस बीच राज्यसभा सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कहा कि कांग्रेस देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट करने का मुद्दा संसद में उठाने की पुरजोर कोशिश करेगी।’

सिंघवी ने कहा, ‘संसद के भीतर और बाहर विरोध का तरीका, साझा रणनीति का हिस्सा होगा और यह ऐसा विषय नहीं है जिसे सार्वजनिक किया जाए। देश इस बात के लिए आश्वस्त है कि हम गैरकानूनी तरीके से किए जा रहे चरम शोषण के बावजूद पूरी ताकत से बिना किसी भय के अपनी जिम्मेदारी को निभायेंगे।’

विपक्ष ने पुलिस पर लगाए थे आरोप

गौरतलब है कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने दिल्ली में दंगों के दौरान पुलिस पर पूर्वाग्रह पूर्ण रवैया अपनाते हुए कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को केन्द्र सरकार को राजधर्म की याद दिलाते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा लेने की मांग की थी। कांग्रेस का आरोप है कि शाह ने इस मामले में अपने दायित्व का उचित निर्वाह नहीं किया है।

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