अब इस राज्य ने सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोका, तेलंगाना और महाराष्ट्र कर चुके हैं सैलरी में कटौती

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इन दिनों देश कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है। इसका ही असर है कि कई राज्यों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने लगी है। वित्तीय संकट से उबरने के लिए जहां तेलंगाना और महाराष्ट्र पहले ही कर्मचारियों की सैलरी में कटौती कर चुके हैं। वहीं आंध्र प्रदेश सरकार ने तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन को रोकने का आदेश जारी कर दिया है। सीएम जगनमोहन रेड्डी ने कोरोना वायरस से पैदा हुए संकट से निपटने के लिए यह आदेश निकाला है। बता दें कि एक तरफ राज्य सरकारें जहां सरकारी कर्मचारियों के वेतन को रोक रही हैं या उनमें कटौती कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर इसका विरोध भी शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्रीमंत्रियों का वेतन भी रोका

सीएम जगनमोहन रेड्डी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए बताया कि सरकारी कर्मचारियों का सैलरी को रोक दिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, निगम सदस्यों सहित अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों के वेतन का भी 100 प्रतिशत स्थगन इसमें शामिल है।

आंध्र प्रदेश में अब तक 87 मामले

आंध्र प्रदेश में मंगलवार की रात से कोरोना वायरस के 43 नए मामले सामने आए है जिससे राज्य में कुल मामलों की संख्या 87 हो गई है। सरकार ने यह जानकारी दी। इन मामलों में ज्यादातर तबलीगी जमात के एक कार्यक्रम से संबंधित है। पश्चिम गोदावरी जिले में इस वायरस के संक्रमण के 13 मामले दर्ज किए गए जबकि कडप्पा जिले में भी 15 मामले सामने आये है। पश्चिम गोदावरी जिले में मंगलवार तक कोरोना वायरस का कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया था। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार चित्तूर जिले में पांच नए मामले सामने आए है। इसके अलावा प्रकाशम में चार, पूर्वी गोदावरी, एसपीएस नेल्लोर में दो-दो मामले और कृष्णा तथा विशाखापत्तनम जिलों में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। बुलेटिन में कहा गया है कि मंगलवार की रात नौ बजे से 373 नमूनों की जांच की गई और बुधवार की सुबह नौ बजे तक 330 मामलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।

आंध्र प्रदेश में 15 जमाती क्वारेंटाइन

आंध्र प्रदेश के श्रीकालाहस्ती में जमात से 15 लोगों की पहचान की गई है। यह सभी लोग निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होकर लौटे थे। अब इन्हें श्रीकालाहस्ती से तिरुपति के रुईया हॉस्पिटल में क्वारेंटाइन किया गया है। इसके अलावा जमात से लौटे लोगों की तलाश की जा रही है

महाराष्ट्र में वेतन में कटौती पर विरोध

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार द्वारा भी कोरोना संकट की वजह से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 60 प्रतिशत वेतन कटौती की गई है। अलग अलग ग्रेड के कर्मचारियों के हिसाब से यह कटौती भी अलग अलग रहेगी। हालांकि, सरकार के इस निर्णय का विरोध होने लगा है। सरकारी कर्मचारियों द्वारा वेतन काटने पर नाराजगी जताई गई है।

महाराष्ट्र में 18 नए मामलों के साथ अब तक 320 संक्रमित

महाराष्ट्र में मंगलवार को कोरोना के 18 नए केस आए हैं। इसके बाद वहां पर इस महामारी के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर अब 320 हो चुका है। राज्य में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कोरोना से मुंबई में 59, नागर से 3, पुणे, ठाणे, कल्याण-डोबिवली, नवी मुंबई और वशी विरार से 2-2 मामले सामने आए हैं।

तेलंगाना में हुई 75 फीसदी कटौती

तेलंगाना देश का पहला राज्य था जिसने अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती का आदेश निकाला था। सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्य के सभी मंत्रियों, विधायकों अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी का 75 प्रतिशत कटौती का फैसला लिया है। इसके साथ ही राज्य के पेंशनर्स की पेंशन में भी कटौती की जाएगी।

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