हिमाचल प्रदेश में मानसूनी कहर जारी, अब तक 132 लोगों की मौत, मंडी और कांगड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित
- ऊना में रिकॉर्ड 94 मिमी बारिश, 1200 करोड़ से अधिक का नुकसान
शिमला — हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे राज्य के कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बीती रात ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। ऊना के अंब क्षेत्र में सर्वाधिक 94 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बिलासपुर के भराड़ी में 67 मिमी, बरठीं में 58 मिमी और सलापड़ में 51 मिमी बारिश हुई। हमीरपुर के नादौन और मंडी के जोगिंदरनगर में भी 48-48 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
अब तक 132 लोगों की मौत, 1246 करोड़ रुपये का नुकसान
राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 223 लोग घायल और 34 लापता हैं। मंडी और कांगड़ा जिलों में सबसे ज्यादा, यानी 21-21 लोगों की मौतें दर्ज की गई हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक:
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393 मकान,
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276 दुकानें,
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और 1007 गौशालाएं पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त 769 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। अब तक कुल 1246 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान आंका गया है।
मंडी में सबसे अधिक तबाही
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 936 मकानों को नुकसान हुआ है, जिनमें से 365 पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। इस जिले में सड़कों, बिजली और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी बुरी तरह चरमराई हुई है।
येलो अलर्ट जारी, 28 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने राज्य के अधिकतर हिस्सों में आज भी येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 23 से 25 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, हालांकि इस दौरान किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है।
इसके बाद 26 से 28 जुलाई तक फिर से भारी बारिश की संभावना है और इस अवधि में भी कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट लागू रहेगा।
भूस्खलन से 432 सड़कें बंद, बिजली-पानी आपूर्ति बाधित
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार सुबह तक प्रदेश में:
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3 नेशनल हाईवे
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और 432 सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हैं।
इनमें से 260 सड़कें मंडी, 55 कुल्लू, 33 हमीरपुर, 32 सिरमौर और 25 चंबा में बंद हैं।
इसके अलावा,
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534 बिजली ट्रांसफार्मर
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और 197 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी हैं।
मंडी में 201, कुल्लू में 123, हमीरपुर में 117 और सोलन में 71 ट्रांसफार्मरों के बंद होने से बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है।
सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ा, लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील
शिमला जिले के नाथपा डैम से 1200 क्यूमैक्स अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है, जिससे सतलुज नदी का जलस्तर और बढ़ गया है। एनएचजेपीएस प्रबंधन ने स्थानीय लोगों से सतलुज नदी के किनारे से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
राज्य प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जनता से अपील की गई है कि वह मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
