मोदी सरकार-2: कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री ने लिए ऐतिहासिक निर्णयः सीएम रावत

WhatsApp Image 2020-06-03 at 15.16.40

देहरादून। विश्वभर में जिस तेजी से कोरोना वायरस कोविड-19 की खतरा तेज हुआ है। उससे इतर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समय रहते ऐतिहासिक निर्णय लिये है। यही वजह है कि लाॅकडाउन से संक्रमण की दर को नियंत्रित किया गया। बेहतर व्यवस्था से कोरोना संक्रमण मामलों में मृत्यु दर भारत में 2.9 प्रतिशत रही। जबकि वैश्विक मृत्यु दर इससे कहीं अधिक है। अस्पतालों में पीपीई किट, टैस्टिंग किट, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। देश में आज लगभग 4.5 लाख पीपीई किट का रोजाना उत्पादन हो रहा है। सेनेटाईजेशन, मास्क, फिजीकल डिस्टेंसिंग को लेकर लोग जागरूक हुए हैं।

यह बात बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि मोदी 2.0 में सरकार ने बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए। देश के रक्षा क्षेत्र को मजबूत किया। धारा 370 और 35 ए को खत्म कर नया इतिहास लिखा। तत्काल तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम बहनों को बड़ी राहत दी। नागरिकता संशोधन कानून को मंजूरी दी गई। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया। कारपोरेट टैक्स और आयकर में रियायत दी गईं। सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए छोटे दुकानदारों  के लिए पेंशन योजना की शुरूआत की गई। हर घर जल हर घर नल योजना पर टाईमबाउंड तरीके से काम चल रहा है। एक देश एक राशन कार्ड योजना लागू की गई है।    

सीएम रावत ने मोदी सरकार 2. पर अपनी बात स्काईप के माध्यम से रखी। सीएम रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सही समय पर लिए गए सही निर्णय से भारत में कोरोना वायरस से उतना नुकसान नहीं हुआ जैसी कि सम्भावना जताई जा रही थी। लाॅकडाउन से संक्रमण की दर को नियंत्रित किया गया। बेहतर व्यवस्था से कोरोना संक्रमण मामलों में मृत्यु दर भारत में 2.9 प्रतिशत रही जबकि वैश्विक मृत्यु दर इससे कहीं अधिक है। अस्पतालों में पीपीई किट, टैस्टिंग किट, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। देश में आज लगभग 4.5 लाख पीपीई किट का रोजाना उत्पादन हो रहा है। सेनेटाईजेशन, मास्क, फिजीकल डिस्टेंसिंग को लेकर लोग जागरूक हुए हैं।

मीडिया को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि संकट के इस दौर में आम जन को राहत पहुंचाने की पूरी कोशिश की गई है। उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। 8 करोड़ लोगों 5 किलो चावल या गेहूं और 1 किलो दाल तीन माह तक निशुल्क दी जा रही है। देश के करीब 9 करोड़ किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 2-2 हजार रूपए डाले गए। करीब 3 करोड़ वृद्ध, विधवा, विकलांग जनों को 3 माह की पेंशन एडवांस दी गई। लगभग 40 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में डीबीटी से पैसा भेजा गया। 2 करोड़ से अधिक श्रमिकों को आर्थिक मदद मुहैया करवाई गई।