रिपोर्ट में दावा: भाजपा ने पंकजा मुंडे को राजनीतिक ब्रेक से लौटने को कहा, नेता बोलीं- यह तथ्यात्मक रूप से गलत

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महाराष्ट्र भाजपा नेता और पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि उन्हें पार्टी द्वारा राजनीति ब्रेक से लौटने को नहीं कहा गया है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। वहीं, उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि उन्होंने राजनीति से नहीं बल्कि मीडिया से ब्रेक लिया है।

दरअसल, एक मराठी समाचार चैनल ने दावा किया था कि मध्य प्रदेश की प्रभारी मुंडे को दिल्ली में शीर्ष भाजपा नेताओं ने राजनीति से ब्रेक रद्द करने और आगामी चुनावों के लिए सक्रिय होने के लिए कहा है। इन्हीं रिपोर्ट को खारिज करते हुए मुंडे ने बुधवार शाम को कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है।

यह है मामला

मुंडे बार-बार अपनी ईमानदारी पर सवाल उठाए जाने से व्यथित थीं। इसलिए उन्होंने सात जुलाई को कहा था कि वह ब्रेक लेने की योजना बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी को जवाब देना होगा कि क्या उनमें योग्यता है। साथ ही उन्होंने कहा था कि केवल समय ही बताएगा कि क्या उनके साथ गलत व्यवहार किया गया था।

मैं भाजपा की हूं, भाजपा मेरी पार्टी नहीं

इससे पहले कुछ महीनों पहले अपने बयान को लेकर मुंडे चर्चा में आई थीं। महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे ने कहा था कि वह भाजपा की हैं, लेकिन भाजपा उनकी पार्टी नहीं है। दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से चर्चा से दूर हैं। वह 2014 से 2019 के बीच देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री थीं।

एक कार्यक्रम में पंकजा मुंडे ने कहा था कि भाजपा बड़ी पार्टी है, लेकिन वह उनकी नहीं है। उन्होंने महादेव जानकर नीत राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) का हवाला देते हुए कहा था कि मैं भाजपा की हूं। अगर मुझे मेरे पिता से कोई समस्या है तो मैं अपने भाई के घर जाऊंगी। गोपीनाथ मुंडे के करीबी रहे जानकर ने कहा कि मेरी बहन की पार्टी की वजह से हमारे समुदाय को लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि रिमोट कंट्रोल किसी और के पास होगा।

पिछले कई साल से कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश भाजपा में पंकजा मुंडे को किनारे कर दिया गया है। अगस्त 2022 में एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुंडे ने कहा था कि वह संभवत: इतनी योग्य नहीं हैं कि मंत्री पद मिल सके। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने इस साल जनवरी में कहा था कि कुछ लोग पार्टी और मुंडे के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।