पंजाब के सबसे महंगे लाडोवाल टोल प्लाजा पर घोटाला! जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा वी.आई.पी. गाड़ियों को बिना टोल पास कर सरकार को करोड़ों का चूना, एन.एच.ए.आई. की चुप्पी पर उठे सवाल।

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लुधियाना: पंजाब के नैशनल हाईवे पर स्थित लाडोवाल टोल प्लाजा, जो हर दिन 80 से 90 लाख रुपये का राजस्व जमा करता है, एक बड़े घोटाले के केंद्र में है। यहां वी.आई.पी. लाइनों का दुरुपयोग कर सरकार को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए टोल कर्मचारियों को गाड़ियों के नंबर भेजे जाते हैं, जिन्हें बिना टोल शुल्क के निकाल दिया जाता है।

कैसे होता है घोटाला?

टोल प्लाजा पर हर दिशा में एक-एक वी.आई.पी. लेन है, जहां कर्मचारी तैनात हैं। व्हाट्सएप ग्रुप में गाड़ियों के नंबर पहले से साझा किए जाते हैं। जब ऐसी गाड़ियां टोल प्लाजा पर पहुंचती हैं, तो चालक नंबर का हवाला देकर बिना शुल्क के आगे बढ़ जाते हैं। यह घोटाला लंबे समय से चल रहा है, जबकि नैशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एन.एच.ए.आई.) को इसकी भनक तक नहीं है।

फास्टैग के बावजूद जारी है धांधली

फास्टैग की अनिवार्यता के बावजूद, गाड़ियां बिना शुल्क के टोल पार कर रही हैं। यह सवाल खड़े करता है कि एन.एच.ए.आई. और स्थानीय प्रशासन इस घोटाले पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा।

जांच और सख्त कदम उठाने की मांग

विशेषज्ञों का कहना है कि एन.एच.ए.आई. को सभी कर्मचारियों की गहन जांच करनी चाहिए और व्हाट्सएप ग्रुप जैसी सुविधाओं पर रोक लगानी चाहिए। कर्मचारियों को वॉकी-टॉकी उपकरण दिए जाने की भी सिफारिश की गई है ताकि मोबाइल के जरिए धांधली रोकी जा सके।

जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा

लाडोवाल टोल प्लाजा पर हो रही इन धांधलियों के सबूत सामने आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इसमें निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक की मिलीभगत हो सकती है। हालांकि, टोल प्लाजा के मैनेजर ने इन आरोपों को लेकर कोई जानकारी होने से इनकार किया है, लेकिन आश्वासन दिया है कि अगर ऐसे मामले सामने आए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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