बेंगलुरु में 5 मिनट के भीतर आए भूकंप के दो झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.3

Earthquake

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार सुबह 5 मिनट के भीतर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, सुबह 7:14 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.3 थी. भूकंप का केंद्र बेंगलुरु से 66 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था और इसकी गहराई 23 किलोमीटर थी. वहीं इससे पहले 7:09 बजे भी 3.1 तीव्रता वाले झटके महसूस किए गए. भूकंप के इन दोनों झटकों से किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान की खबर नहीं आई है.

इससे पहले अक्टूबर में कर्नाटक के कलबुर्गी और बीदर जिले में लोगों ने कई बार भूकंप के झटके महसूस किए थे. बीदर जिले के बासवकल्याण गांव और कलबुर्गी के चिंचोली गांव के लोगों ने एक अक्टूबर से 12 अक्टूबर के बीच रिक्टर पैमाने पर 2.5 से चार तीव्रता के कम से कम छह झटके महसूस किए. पुलिस ने बताया था कि लगातार आ रहे भूकंप के कारण भयभीत लोगों ने घरों के बाहर खुले में रात बिताई थी.

कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आयुक्त ने लगातार आ रहे भूकंप के कारणों को समझने के लिए भूवैज्ञानिकों की बैठक बुलाई थी. उन्होंने कहा था कि उत्तर कर्नाटक क्षेत्र में आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क किया गया है. उन्हें यह भी बताया गया है कि अधिक तीव्रता वाला भूकंप आने की स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

भूकंप आने पर खुद का इस तरह करें बचाव

1- भूकंप के झटके महसूस हों, वैसे ही आप किसी मजबूत टेबल के नीचे बैठ जाएं और कस कर पकड़ लें.
2- जब तक झटके जारी रहें या आप सुनिश्चित न कर लें कि आप सुरक्षित ढंग से बाहर निकल सकते हैं, तब तक एक ही जगह बैठे रहें.
3- अगर ऊंची इमारत में रहते हैं तो खिड़की से दूर रहें.
4- बिस्‍तर पर हैं तो वहीं रहें और उसे कसकर पकड़ लें. अपने सिर पर तकिया रख लें.
5- अगर आप बाहर हैं तो किसी खाली स्‍थान पर चले जाएं यानी बिल्डिंग, मकान, पेड़, बिजली के खंभों से दूर.
6- कार चला रहे हैं तो कार धीमी करें और एक खाली स्‍थान पर ले जाकर पार्क कर दें.
7- अगर आप बाहर, सड़क पर या बाजार में हो तो पास में मैदान या खुली जगह में पहुंच जाएं.
8- ऊंची बिल्डिंगों के करीब न रहें और उनसे दूर चले जाएं.
9- कहीं अंदर फंस गए हैं तो दौड़ें नहीं, इससे और तेज झटके लग सकते हैं.
10- पेड़ों से और बिजली के तारों से दूर रहने की कोशिश करें.