बिकरू कांड: न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में डीआईजी अनंत देव तिवारी समेत 8 पुलिसकर्मी दोषी

vikas dubey

कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में गठित न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में डीआईजी अनंत देव तिवारी समेत 8 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं. न्यायिक आयोग की जांच रिपोर्ट में अनंत देव तिवारी के साथ एसपी ग्रामीण रहे प्रद्युमन सिंह, तत्कालीन सीओ कैंट आरके चतुर्वेदी, सीओ एलआईयू सूक्ष्म प्रकाश को भी दोषी ठहराया गया है.

जांच रिपोर्ट में अनंत देव तिवारी के अलावा एसएसपी दिनेश कुमार पी, एडिशनल एसपी बृजेश श्रीवास्तव, सीओ बिल्लौर नंदलाल और पासपोर्ट नोडल अफसर अमित कुमार के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है. इससे पहले एसआईटी भी कानपुर में तैनात रहे अफसरों और पुलिसकर्मियों की आरोपियों से मिलीभगत और लापरवाही के आरोपों में दोषी ठहरा चुकी है.

बता दें कि कानपुर के बिकरू में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने 2 जुलाई, 2020 की रात को अपने गुर्गों के साथ मिलकर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. जिसके बाद यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे समेत उसके 6 गुर्गों को एनकाउंटर में मार गिराया था.

घटना के बाद आरोप लगा था कि पुलिस अधिकारी और कर्मियों ने विकास दुबे की मदद की थी. जिसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. नवंबर 2020 में एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद कानपुर के एसएसपी रहे अनंत देव तिवारी को सस्पेंड कर दिया था.

एसआईटी की जांच रिपोर्ट में 50 पुलिसकर्मी समेत 80 लोगों पर बिकरू कांड में शामिल होने के आरोप सही पाए गए थे. इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे पुलिसवाले विकास दुबे को थाने में चल रही हर गतिविधि के बारे में पहले से ही जानकारी दे देते थे. बिकरू कांड वाले दिन कैसे पुलिसकर्मियों ने छापा के बारे में पहले से ही विकास दुबे को सब कुछ बता दिया था.

एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार विकास दुबे को पुलिसवालों से जानकारी मिलने के बाद उसने रेड वाले दिन हथियार और अपने गुर्गों को इकट्ठा कर लिया था. विकास दुबे ने अपने गुर्गों से कहा था कि अगर पुलिसवाले रेड के लिए आएं तो वह बच कर जिंदा ना जाने पाएं. घटना में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.