अब अचूक सटीकता के साथ हो सकेगा दुश्मन के ठिकानों पर हमला, मौसम भी नहीं बनेगा रूकावट।

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BRAHMOS

नई दिल्ली (पीआईबी)। भारतीय वायु सेना की ब्रह्मोस इकाई ने 21 और 22 अक्टूबर, 2019 को अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ट्राक द्वीप में सतह से सतह पर मार करने वाली दो मिसाइलों की सफलतापूर्वक फायरिंग की है। प्रशिक्षण अभियान के एक हिस्‍से के रूप में भारतीय वायुसेना द्वारा दोनों फायरिंग की गई हैं। ब्रह्मोस लैंड अटैक क्रूज मिसाइलों ने 300 किलोमीटर दूर निर्धारित लक्ष्य को निशाना बनाया और दोनों ही मामलों में सीधा-सीधा लक्ष्‍य को साध लिया। भारतीय वायुसेना द्वारा की गई फायरिंग से इसकी इकाइयों की गतिशीलता और सक्रियता से जुड़ी सटीकता प्रदर्शित होती है।

मई में हुआ था सू-30एमकेआई लड़ाकू विमान का परीक्षण।
इससे पहले भारतीय वायुसेना ने पोखरण में सतह से सतह मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल की सफलतापूर्वक फायरिंग की थी। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना ने उसी क्षेत्र में मई 2019 में अपने फ्रंटलाइन सू-30एमकेआई लड़ाकू विमान हवा से हवा में मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल की सफलतापूर्वक फायरिंग की थी।

अब मौसम नहीं बनेगा रूकावट।
बीएपीएल द्वारा विकसित 2.8 मेक वाली ब्रह्मोस मिसाइल अत्याधुनिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। यह प्रक्षेपास्त्र दुश्मन के सुरक्षित इलाके में लक्ष्यों को आसानी से बेधने के लिए अत्‍यधिक अनुकूल है। ब्रह्मोस मिसाइल भारतीय वायु सेना को समुद्र या किसी भी लक्ष्य पर बड़े स्टैंड-ऑफ रेंज से दिन या रात और सभी मौसम में पिनपॉइंट सटीकता के साथ हमला करने की एक वांछित क्षमता प्रदान करती है। मिसाइल अचूक सटीकता के साथ कार्य करती है।

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